असम के बाढ़ प्रभावित जोरहाट में लोगों के लिए वरदान साबित हुआ वाटर प्यूरीफायर ‘नीरी जार’
असम के बाढ़ प्रभावित जोरहाट में लोगों के लिए वरदान साबित हुआ वाटर प्यूरीफायर ‘नीरी जार’
जोरहाट, आठ अगस्त (भाषा) असम के बाढ़ प्रभावित जोरहाट जिले में पेयजल किल्लत का सामना कर रहे लोगों के लिए बिना बिजली से चलने वाला वाटर प्यूरीफायर ‘नीरी जार’ वरदान साबित हो रहा है। इसे सीएसआईआर के राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान द्वारा विकसित किया गया है।
इस पहल से जुड़े अधिकारियों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि शनिवार को जिले में पानी साफ करने वाले इस उपकरण की कुल 100 इकाई बांटी गईं, इनमें से 75 इकाई अलग-अलग घरों के लिए थीं और बाकी बड़े सामुदायिक स्तर के लिए हैं।
एक अधिकारी ने कहा, ‘‘आज, हमने टिटाबोर प्रखंड के अंतर्गत जोनकीमंडल गांव में घरेलू और समुदाय-आधारित इकाइयों की पांच-पांच इकाइयां सौंपीं। शेष 90 इकाइयां जोरहाट जिला आयुक्त को सौंपी गईं। आयुक्त का कार्यालय आगे इनका वितरण सुनिश्चित करेगा।’’
छोटे परिवार के लिए बना वाटर प्यूरीफायर पीने और खाना पकाने के लिए प्रति व्यक्ति रोजाना 6 से 10 लीटर पानी की जरूरत पूरी कर सकता है। इसी तरह, सामुदायिक स्तर के लिए यह उपकरण लगभग 10 परिवारों के पीने और खाना पकाने के पानी की जरूरतें पूरी कर सकता है।
एक अधिकारी ने कहा, ‘‘इस इकाई को आसानी से चलाने के लिए डिजाइन किया गया है और इसे चलाने के लिए बिजली की जरूरत नहीं होती। इसे कहीं ले जाना और लगाना भी आसान है, जिससे यह आपातकालीन स्थितियों और बाढ़ प्रभावित इलाकों में बहुत उपयोगी साबित होती है।’’
भाषा शफीक माधव
माधव

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