जलदाय मंत्री महेश जोशी ने कांग्रेस आलाकमान को कारण बताओ नोटिस का जवाब भेजा |

जलदाय मंत्री महेश जोशी ने कांग्रेस आलाकमान को कारण बताओ नोटिस का जवाब भेजा

जलदाय मंत्री महेश जोशी ने कांग्रेस आलाकमान को कारण बताओ नोटिस का जवाब भेजा

: , November 29, 2022 / 08:50 PM IST

जयपुर, 11 अक्टूबर (भाषा) राजस्थान के जलदाय मंत्री और विधानसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक महेश जोशी ने कांग्रेस आलाकमान को कारण बताओ नोटिस का जवाब भेज दिया है।

मंत्री महेश जोशी ने ‘‘भाषा’’ को जवाब भेजने की पुष्टि करते हुए कहा, ‘‘कल रात में ही उन्होंने मेल से जवाब भेज दिया है।’’

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) द्वारा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के वफादारों-संसदीय मामलों के मंत्री शांति धारीवाल, मुख्य सचेतक महेश जोशी और आरटीडीसी के अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ को 27 सितंबर की रात को उनके ‘गंभीर अनुशासनहीनता’ के लिए नोटिस जारी किए गए थे और उन्हें 10 दिनों के भीतर यह बताने के लिए कहा था कि उनके खिलाफ क्यों ना कार्रवाई की जाये?

जोशी ने इससे पहले बृहस्पतिवार को कहा था कि उन्हें ईमेल से नोटिस मिला गया है और वह इसका जवाब भेज देंगे।

दूसरी ओर, धारीवाल और राठौड द्वारा नोटिस के जवाब की स्थिति पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

उल्लेखनीय है कि गहलोत के तीनों वफादार नेताओं को 25 सितंबर को जयपुर में धारीवाल के आवास पर कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के समानांतर विधायकों की बैठक करने के बाद नोटिस जारी किए गए थे। यह नोटिस पर्यवेक्षक बनकर आये अजय माकन और मल्लिकार्जुन खरगे की रिपोर्ट के बाद जारी किये गये थे।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव में खडे होने की घोषणा के बाद उनका उत्तराधिकारी चुनने के लिये कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से एक प्रस्ताव को पारित करने के लिए सीएलपी बैठक मुख्यमंत्री आवास पर बुलाई गई थी।

गहलोत के वफादार विधायक चाहते थे कि अगर गहलोत को बदलना पड़ा तो नए मुख्यमंत्री के रूप में जिन 102 विधायकों ने जुलाई 2020 में संकट के दौरान अशोक गहलोत सरकार का समर्थन किया था उनमें से किसी भी विधायक को मुख्यमंत्री के रूप में चुना जाये।

उल्लेखनीय है कि जुलाई 2020 में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने अपने 18 समर्थक विधायकों के साथ अशोक गहलोत के नेतृत्व को लेकर बगावत की थी।

गहलोत ने दिल्ली में सोनिया गांधी से सीएलपी की बैठक में एक लाइन का प्रस्ताव पारित नहीं हो पाने के लिए माफी मांगी।

भाषा कुंज अर्पणा

अर्पणा

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)