हम मतदाता सूची से नाम हटाने के खिलाफ फिर से अदालत जाएंगे: ममता

हम मतदाता सूची से नाम हटाने के खिलाफ फिर से अदालत जाएंगे: ममता

हम मतदाता सूची से नाम हटाने के खिलाफ फिर से अदालत जाएंगे: ममता
Modified Date: April 8, 2026 / 04:34 pm IST
Published Date: April 8, 2026 4:34 pm IST

कोलकाता, आठ अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मतदाता सूची से नाम हटाने को लेकर बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और निर्वाचन आयोग पर निशाना साधा और कहा कि उनकी पार्टी मतदाता सूची से मतदाताओं के नाम हटाने के खिलाफ फिर से अदालत का रुख करेगी।

ममता बनर्जी की यह टिप्पणी राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के पूरा होने पर लगभग 91 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाये जाने के बाद आयी है।

बनर्जी ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण कवायद को लेकर अपनी मुख्य प्रतिद्वंद्वी भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘मतदाता सूची से लोगों के नाम हटाकर आप तृणमूल कांग्रेस को नहीं हरा पाएंगे। नाम हटाने के खिलाफ हम फिर से अदालत जाएंगे।’’

बनर्जी ने गत फरवरी में उच्चतम न्यायालय में दलीलें दी थीं, जिसमें उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया में हस्तक्षेप का अनुरोध किया था।

निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2025 में कुल 7.66 करोड़ मतदाता थे, जिनमें से 90.83 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।

एसआईआर प्रक्रिया को लेकर निर्वाचन आयोग की आलोचना करते हुए बनर्जी ने कहा, ‘हम नामों को संविधान के अनुसार सूची में शामिल करवाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। अगर लोग वोट नहीं डाल सकते, तो न्यायाधिकरण बनाने की क्या जरूरत है? और फिर आप कह रहे हैं कि सूची ‘फ्रीज’ कर दी गई है। यह क्या है? हम इसे चुनौती देंगे और इसे समझने की कोशिश करेंगे।’’

हुगली जिले के आरामबाग में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस प्रमुख बनर्जी ने भाजपा पर मतदाता सूचियों में हेरफेर की कोशिश करने और मतदाताओं को लुभाने के लिए धन की पेशकश करने का आरोप लगाया।

बनर्जी ने निर्वाचन आयोग पर लोगों को फोन पर धमकाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया, ‘‘निर्वाचन आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है। यह लोगों को फोन करके धमका रहा है और डरा रहा है।’’

बाद में, उसी जिले के बालागढ़ में एक रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने चेतावनी दी कि भाजपा को वोट देने का मतलब एक तरह से ‘मछली, मांस और बांग्ला भाषा बोलने का त्याग’ करना होगा।

बनर्जी ने दावा किया, ‘उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे भाजपा शासित राज्यों में लोगों को अंडे, मछली या मांस खाने की अनुमति नहीं है। अगर भाजपा सत्ता में आती है तो यहां भी ऐसा ही होगा।’

बनर्जी ने श्रीरामपुर में एक और रैली को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा परिसीमन की आड़ में बंगाल को विभाजित करने की साजिश रच रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा ने बंगाल को निशाना बनाया है। वह राज्य को फिर से विभाजित करने की साजिश रच रही है। परिसीमन के नाम पर, आप बंगाल से एक और राज्य बनाने की योजना बना रहे हैं।’’

भाषा अमित माधव

माधव


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