हम पश्चिम बंगाल के ‘खोए हुए गौरव’ को बहाल करने के लिए काम करेंगे: शुभेंदु अधिकारी

हम पश्चिम बंगाल के ‘खोए हुए गौरव’ को बहाल करने के लिए काम करेंगे: शुभेंदु अधिकारी

हम पश्चिम बंगाल के ‘खोए हुए गौरव’ को बहाल करने के लिए काम करेंगे: शुभेंदु अधिकारी
Modified Date: May 9, 2026 / 10:28 pm IST
Published Date: May 9, 2026 10:28 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

कोलकाता, नौ मई (भाषा) मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के ‘खोए हुए गौरव’ को बहाल करने के लिए काम करने का आह्वान किया और आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासनकाल में राज्य का पतन हुआ है।

भवानीपुर में श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आवास का दौरा करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में अधिकारी ने कहा कि दक्षिण कोलकाता सत्यजीत रे और उत्तम कुमार जैसे दिग्गजों से जुड़ा एक सांस्कृतिक गढ़ रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे कुछ समय दीजिए। हमारे पास बंगाल की विरासत और गौरव का हिस्सा रहे कई प्रख्यात व्यक्तियों से जुड़े स्थानों को विकसित करने की ठोस योजनाएं हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमें बंगाल के खोए हुए गौरव को बहाल करना होगा, जो तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार के शासनकाल में निम्न स्तर पर पहुंच गई थी। संस्कृति से लेकर कानून व्यवस्था तक, विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा और आर्थिक गिरावट तक, बंगाल ने पिछले 15 वर्षों में अपनी श्रेष्ठता खो दी है। हमें स्थिति को सुधारना होगा और राज्य को प्रगति और गौरव के पथ पर वापस लाना होगा।’’

नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों से जीत हासिल करने वाले अधिकारी ने इस लक्ष्य को प्राप्त करने में सभी राजनीतिक दलों से सहयोग मांगा।

टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी द्वारा भाजपा के खिलाफ लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष ताकतों से एकजुट होने की अपील करने पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘उनकी प्रासंगिकता पूरी तरह खत्म हो चुकी है। मैं उनके बयानों पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा।’’

ब्रिगेड परेड ग्राउंड में हुए शपथ ग्रहण समारोह को ‘ऐतिहासिक’ बताते हुए अधिकारी ने दावा किया कि इस कार्यक्रम में 20 राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए, जिसमें अनुमानित ढाई से तीन लाख लोग मौजूद थे।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि ‘परिवर्तन’ की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।’’

कालीघाट मंदिर का दर्शन करने के बाद अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बंगाल में प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास की परिकल्पना की है, ठीक उसी तरह जैसे काशी विश्वनाथ मंदिर गलियारे का पुनर्विकास किया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी की परिकल्पना के तहत कालीघाट मंदिर का भी विकास किया जाएगा ताकि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।’’

भाषा संतोष प्रशांत

प्रशांत


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