पश्चिम बंगाल चुनाव: निर्वाचन आयोग बड़ी संख्या में बसों को अधिग्रहित करने पर कर रहा है विचार

पश्चिम बंगाल चुनाव: निर्वाचन आयोग बड़ी संख्या में बसों को अधिग्रहित करने पर कर रहा है विचार

पश्चिम बंगाल चुनाव: निर्वाचन आयोग बड़ी संख्या में बसों को अधिग्रहित करने पर कर रहा है विचार
Modified Date: April 14, 2026 / 10:19 pm IST
Published Date: April 14, 2026 10:19 pm IST

कोलकाता, 14 अप्रैल (भाषा) निर्वाचन आयोग पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण (29 अप्रैल) से पहले मतदान ड्यूटी के लिए बड़ी संख्या में बस, कार और अन्य वाहन अधिग्रहित कर सकता है, जिससे शहर और आसपास के जिलों में परिवहन के साधनों की कमी की आशंका जताई जा रही है।

अधिकारियों ने बताया कि निर्वाचन आयोग 27 अप्रैल से वाहनों का अधिग्रहण शुरू करेगा, जिससे शहर की सड़कों पर बसों, स्कूल वाहनों और कैब की संख्या में उल्लेखनीय कमी आ सकती है।

एक अधिकारी ने कहा, “मतदान प्रक्रिया के सुचारू संचालन के लिए आवश्यकता के अनुसार वाहनों का अधिग्रहण किया जा रहा है और इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।”

इस बीच, कोलकाता, हुगली, हावड़ा और उत्तर व दक्षिण 24 परगना जिलों सहित दक्षिण बंगाल में चुनाव प्रचार तेज हो गया है, जबकि चुनावी तैयारियों के दैनिक जीवन पर प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ रही है।

नगर उपनगरीय बस सेवा के महासचिव टिटो साहा ने कहा, “उन दिनों में शहर की सड़कों पर परिवहन के साधनों की कमी हो सकती है। इस बार सामान्य से अधिक वाहनों की मांग की जा रही है, जिससे लोगों को बसों की सेवा मिलने में कठिनाई हो सकती है।” उन्होंने बताया कि कैब सेवाओं पर भी असर पड़ने की संभावना है।

‘ऑनलाइन कैब ऑपरेटर्स गिल्ड’ के महासचिव इंद्रनील बंद्योपाध्याय ने कहा, “चुनाव कार्य के लिए बड़ी संख्या में कैब बुक की जाएंगी, इसलिए उनकी उपलब्धता सीमित रहेगी।”

इसी तरह की चिंता व्यक्त करते हुए, पूल कार ऑपरेटर के प्रतिनिधि सुदीप दत्ता ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “चुनाव कार्य के लिए बड़ी संख्या में कारें बुक की गई हैं। हम छात्रों के परिवहन की जिम्मेदारी लेने की स्थिति में नहीं होंगे।”

इसके मद्देनजर, कई निजी स्कूल कुछ दिनों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने पर विचार कर रहे हैं।

न्यू टाउन स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य अंबिका मेहरा ने कहा, “27 से 30 अप्रैल तक कक्षाएं ऑनलाइन संचालित की जाएंगी और मतदान वाले दिन छुट्टी रहेगी।”

मतदान केंद्रों के रूप में इस्तेमाल किए जाने वाले स्कूल भी निर्वाचन आयोग के नियंत्रण में पहले से ही आ जाएंगे, जिससे कामकाज प्रभावित होगा।

श्री श्री अकादमी की प्रधानाचार्य गार्गी बंद्योपाध्याय ने कहा, “हमारा स्कूल मतदान केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा और यह 28 अप्रैल की दोपहर से आयोग के नियंत्रण में आ जाएगा।”

पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिये चुनाव 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में होंगे और मतगणना चार मई को होगी।

भाषा

राखी दिलीप

दिलीप


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