बंगाल: एक खुले मैदान में घायल अवस्था में मिली महिला, सुकांत मजूमदार ने लगाया बलात्कार का आरोप

बंगाल: एक खुले मैदान में घायल अवस्था में मिली महिला, सुकांत मजूमदार ने लगाया बलात्कार का आरोप

बंगाल: एक खुले मैदान में घायल अवस्था में मिली महिला, सुकांत मजूमदार ने लगाया बलात्कार का आरोप
Modified Date: February 3, 2025 / 12:14 am IST
Published Date: February 3, 2025 12:14 am IST

कोलकाता, दो फरवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में जयनगर के एक खुले मैदान में रविवार सुबह एक महिला घायल अवस्था में मिली। पुलिस ने यह जानकारी दी।

इस घटना के बाद केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने आरोप लगाया कि महिला से बलात्कार किया गया है।

पुलिस ने बताया कि यह घटना जंगलिया गांव में हुई। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि महिला को पहले स्थानीय चिकित्सा सुविधा में ले जाया गया और फिर बरुईपुर अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। उसकी हालत स्थिर लेकिन गंभीर है।

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महिला के परिजनों ने बताया कि वह शनिवार रात घर से निकली थीं, लेकिन उसके बाद अपने गंतव्य तक नहीं पहुंची।

अधिकारी ने कहा, ‘‘हमने जांच शुरू कर दी है और अपराधियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।’’

केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राज्य इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने बाद में सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि महिला का ‘‘अपहरण किया गया और उसके साथ क्रूरतापूर्वक बलात्कार किया गया।’’

मजमदूर ने कहा, ‘‘जयनगर में एक विवाहित युवती को अगवा कर उसके साथ बर्बरतापूर्वक दुष्कर्म किया गया, जिसके बाद दुपट्टे से उसका गला घोंटने का प्रयास किया गया। वह गांव वालों को खुले मैदान में गंभीर हालत में मिली, लेकिन अपहरण से लेकर बलात्कार तक, पुलिस अपराधी का पता लगाने में विफल रही है।’’

केंद्रीय शिक्षा एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री ने इस मुद्दे पर चुप रहने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भी आलोचना की।

उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘सरस्वती पूजा के दिन भी पश्चिम बंगाल में महिलाओं के खिलाफ अपराध की क्रूरता नहीं रुकी। फिर भी बंगाल की बेशर्म महिला मुख्यमंत्री ने एक भी शब्द नहीं बोला।’’

उन्होंने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल में कैसी राक्षसी सरकार चल रही है, जहां हर दिन क्रूर हत्याएं और बलात्कार की घटनाएं हो रही हैं? अपराधियों के प्रति आपके बेशर्म तुष्टिकरण के कारण पश्चिम बंगाल में और कितनी महिलाएं अपनी गरिमा और जीवन को खो देंगी?’’

भाषा प्रीति संतोष

संतोष


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