आप भी हैं WhatsApp यूजर तो हो जाइए सावधान, अब Fake News पर होगी पैनी नजर

आप भी हैं WhatsApp यूजर तो हो जाइए सावधान, अब Fake News पर होगी पैनी नजर

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  • Publish Date - April 2, 2019 / 12:46 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:45 PM IST

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले फेक न्यूज लंबे समय से सोशल मीडिया सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए सिर दर्द बने हुए थे, लेकिन अब उन्होंने अफवाहों पर लगाम लगाने की पहल शुरू कर दी है। मंगलवार को वाट्सअप ने भारत में मंगलवार को एक सर्विस लॉन्च की, जिसके माध्यम से वाट्सअप यूजर्स फेक न्यूज, अफवाह और भ्रामक जानाकरियों के बारे में आमजन को आगाह कर सकेंगे। यह कदम इसलिए भी जरूरी था क्योंकि आगामी दिनों में लोकसभा चुनाव होना है और ऐसे दौर में फेक न्यूज चुनाव के नतीजे को प्रभावित कर सकता है। बताया जा रहा है कि ‘प्रोटो’ नाम के एक मीडिया स्किलिंग स्टार्ट-अप टिपलाइन ने इसे तैयार किया है। इसमें चुनाव के दौरान फैलने वाली अफवाहों का डाटाबेस तैयार होगा, जिससे इन मामलों का अध्ययन किया जा सकेगा।

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वाट्सएप यूजर्स वॉट्सऐप के चेकपाइंट टिपलाइन पर इन गलत सूचनाओं को पोस्ट कर वायरल और फेक कटेंट के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए एक नंबर +91-9643-000-888 जारी किया गया है, जिस पर संदिग्ध संदेश को टिपलाइन के साथ साझा करेगा तो प्रोटो वेरिफिकेशन सेंटर के द्वारा यूजर को सूचित किया जाएगा कि संदेश में किया गया दावा सही है या नहीं?

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वॉट्सएप ने बताया कि सेंटर इन अफवाहों से जुड़े फोटो, वीडियो लिंक, टेक्स्ट आदि की जांच कर सकता है। फिलहाल हिंदी, बंगाली, तेलुगु और मलयालम के साथ अंग्रेजी इसमें शामिल है। डिग डीपर मीडिया और मीडान दुनिया के कुछ देशों में गलत सूचनाओं से जुड़े प्रोजेक्ट पर काम कर चुके हैं। भारत के लिए प्रोटो को तैयार करने में इनकी मदद ली जा रही है। प्रोटो के संस्थापक रित्विज पारीख और नस्र उल हदी के मुताबिक इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य वॉट्सऐप पर गलत सूचनाओं के तथ्यों का अध्ययन करना है।

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डिग डीपर मीडिया के सीईओ फरगुस बेल ने कहा कि इस प्रयास से होने वाला शोध उन लोगों के लिए एक वैश्विक बेंचमार्क स्थापित करेगा जो गलत सूचनाओं को अपने स्तर पर संभालना चाहते हैं।

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