The Big Picture With RKM: क्यों खास है बजट 2026? जनता को मिलने वाले हैं कौन से फायदे, यहां समझे बजट की पूरी कहानी

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The Big Picture With RKM: भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना नौवां बजट पेश कर दिया। इस बजट को ऑरेंज बजट कहा जा रहा है।

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  • Publish Date - February 2, 2026 / 12:04 AM IST,
    Updated On - February 2, 2026 / 12:06 AM IST

The Big Picture With RKM/Image Credit: IBC24.in

HIGHLIGHTS
  • भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना नौवां बजट पेश कर दिया।
  • इस बजट को ऑरेंज बजट कहा जा रहा है।
  • इस बजट का फायदा अगले 10 सालों में या 15 सालों में नजर आएगा।

The Big Picture With RKM: नई दिल्ली: भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना नौवां बजट पेश कर दिया। इस बजट को ऑरेंज बजट कहा जा रहा है। माना जा रहा है कि, यह बजट विकसित भारत के लिए लाया गया है। मोदी सरकार की 2047 तक भारत को विकासशील देश बनाने की चाह है या जो उनका लक्ष्य है, उसको पूरा करने के (The Big Picture With RKM) लिए यह बजट लाया गया है। इसलिए इस बजट से कोई फरी तौर पर फायदा होता हुआ नहीं दिख रहा है।

आने वाले सालों में नजर आएगा बजट का फायदा

The Big Picture With RKM:  इस बजट का फायदा अगले 10 सालों में या 15 सालों में नजर आएगा। बजट में सबसे ज्यादा उम्मीदें लोगों को इनकम टैक्स को लेकर रहती है। लेकिन इस बजट में इनकम टैक्स को बिल्कुल छुआ नहीं गया। वो इसलिए कि, पिछली बार के बजट में ही वित्त मंत्री ने उम्मीदों से ज्यादा अपने को डिडक्शंस जो होते हैं वो दे दिए थे।

12 लाख तक की सैलरी पर कोई टैक्स नहीं बल्कि 12,80,000 तक की सैलरी पर कोई टैक्स नहीं है। यह घोषणा पिछले बजट में हो गई थी जो इस साल से लागू होगी, लेकिन ऐसा नहीं है कि इनकम टैक्स में कुछ नहीं मिला है। इस बजट में तीन चीजे बहुत जरुरी है। अगर आप अपने बच्चों को विदेश में पढ़ाना चाहते हैं तो आपको यह सस्ता पड़ेगा। जो (The Big Picture With RKM) अभी तक 5% था इस पर 2% का टैक्स हो गया है। अगर आप विदेश यात्रा विदेश घूमने जाना चाहते हैं तो उसके लिए अभी आपको कम खर्चा करना पड़ेगा। क्योंकि 5 से 20% का जो टैक्स था अब उसको भी 2% कर दिया गया है। इतना ही नहीं अब एक्सीडेंट के बाद मिलने वाले मुआवजे को टैक्स फ्री कर दिया गया है। फ़िलहाल स्लैब के हिसाब से मुआवजे में टैक्स लगता था।

क्या होती है ऑरेंज इकॉनमी?

The Big Picture With RKM:  ऑरेंज इकॉनमी होती है जो आप क्रिएटिव प्रोडक्शन करते हैं, कंटेंट क्रिएट करते हैं, इवेंट करते हैं, कॉन्सर्ट्स करते हैं। यह कहलाती है ऑरेंज इकॉनमी। सरकार का फोकस इसके ऊपर इसलिए ज्यादा है कि, जो लोग वीडियो बनाते हैं या कंटेंट क्रिएट करते हैं उसके लिए सरकार पूरे देश में 15,500 कंटेंट हब बनाने वाली है। उसके लिए सरकार ने लगभग 45000- 50000 करोड़ का एक फंड भी दिया है।

क्या होगा कंटेंट हब में?

The Big Picture With RKM:  कंटेंट हब में एवीजीसी मतलब एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स के बारे में सिखाया जाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि, भारत में कंटेंट क्रिएटर्स बहुत बड़ी संख्या में हैं। अच्छा कंटेंट क्रिएट होने से लोग पैसा भी कमा रहे हैं। एक इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी क्रिएट होती है। इसको क्रिएटर्स भार भी भेज सकते हैं। ऐसे में कंटेंट का सहीं उपयोग (The Big Picture With RKM) करके लोग गेमिंग में आ सकते हैं। इतना ही नहीं, डिज़ इंफ्रास्ट्रक्चर भी फोकस किया गया है। आज के समय में लोग हर चीज में डिजाइन ढूंढते हैं। इसलिए एनआईडी की तरह के इंस्टट्यूट और भी देशों में दूसरी जगहों पर बनाए जाएंगे। अब इसको क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बहुत बड़ी सुविधा देश में दी गई है।

जैसे Amazon है या Google है या Azure है। जो कंपनियां क्लाउड डाटा सेंटर बनाती हैं, उनको यह सुविधा दी है कि अगर वो देश में क्लाउड डाटा सेंटर बनाएंगे तो आपको 2047 तक टैक्स फ्री रहने का फायदा मिलेगा। मतलब कंपनी जो भी कमाई उससेकरेगी उस पे कोई भी टैक्स नहीं लगेगा। इसको बड़ा कदम माना जा रहा है। क्योंकि, भारत में दुनिया का 20% डाटा जनरेट होता है, लेकिन यहां स्टोरेज केवल 3% होता है। ऐसे में ये एक बड़ा सेंटर हैं और इसके साथ ही सरकार ने देश में चल रहे एआई मिशन को इसके साथ जोड़ा है।

सेमीकंडक्टर मिशन की होगी शुरुआत

The Big Picture With RKM:  सरकार ने भारत को कोसिस्टम बनाने की कोशिश है और इसके लिए सेमीकंडक्टर मिशन भी बनाया गया है। इसे सेमीकंडक्टर मिशन 2 नाम दिया गया है। सेमीकंडक्टर बनाने की देश में कोशिश की जा रही है। देश में जो मॉडर्न इंडस्ट्रीज हैं और उनकी जो टीवी, स्मार्टफोन और अप्लायंसेस होते हैं उनमे सेमीकंडक्टर की जरूरत होती है। (The Big Picture With RKM) अब ये सेमीकंडक्टर भारत में ही निर्मित होंगे। इससे सरकार इकोसिस्टम जनरेट की कोशिश करेगी औरजो ऑरेंज इकोनॉमी को आगे ले जाएगी।

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