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Aaj Ka Panchang 19 March 2026: नई दिल्ली: गुरुवार, 19 मार्च 2026 को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के साथ हिंदू नव वर्ष, गुड़ी पड़वा और चैत्र नवरात्रि का पावन आरंभ हुआ है। इस शुभ अवसर के साथ नए संवत्सर की शुरुआत हो रही है, जिसे भारतीय परंपरा में नई ऊर्जा, नई आशाओं और सकारात्मक बदलाव का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज से विक्रम संवत 2083 और शक संवत 1948 का संचालन प्रारंभ हो गया है। इस दिन को देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है, लेकिन इसका आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व समान रूप से गहरा है।
पंचांग के अनुसार, आज चंद्रदेव मीन राशि में स्थित हैं और उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में विराजमान हैं, जिसके स्वामी शनिदेव माने जाते हैं। इस नक्षत्र के प्रभाव से लोगों के स्वभाव में शांति, दयालुता और आध्यात्मिकता की वृद्धि देखने को मिलती है। आज शुक्ल योग का भी शुभ संयोग बन रहा है, जो सभी मांगलिक कार्यों के लिए अत्यंत अनुकूल माना जाता है। दिन की शुरुआत से ही वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो रहा है, जो मानसिक संतुलन और सुख-शांति के लिए लाभकारी है।
आज के दिन घटस्थापना का विशेष महत्व है, जो चैत्र नवरात्रि की शुरुआत का प्रतीक है। घटस्थापना के लिए सुबह 06:52 से 07:43 बजे तक का समय अति शुभ माना गया है, जबकि अन्य शुभ कार्यों के लिए दोपहर 12:05 से 12:53 बजे तक अभिजीत मुहूर्त का लाभ उठाया जा सकता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस दिन राहुकाल (दोपहर 02:00 से 03:30 बजे तक) में किसी भी शुभ कार्य से बचना चाहिए। इसके अलावा गुलिकाल और यमगण्ड जैसे अशुभ समय में भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
हिंदू नव वर्ष का यह आरंभ न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी विशेष स्थान रखता है। महाराष्ट्र और कोंकण क्षेत्र में इसे गुड़ी पड़वा के रूप में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है, जहां घरों में गुड़ी सजाकर सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। वहीं दक्षिण भारत के राज्यों में इसे उगादि के नाम से जाना जाता है। इस दिन लोग नए वस्त्र धारण करते हैं, घरों की सजावट करते हैं और पारंपरिक व्यंजनों के साथ नव वर्ष का स्वागत करते हैं।
चैत्र नवरात्रि के साथ शुरू होने वाला यह नौ दिवसीय पर्व मां दुर्गा की आराधना का विशेष अवसर होता है। भक्त पूरे विधि-विधान के साथ नौ दिनों तक मां के विभिन्न स्वरूपों की पूजा करते हैं और आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, घटस्थापना हमेशा शुभ मुहूर्त में ही करनी चाहिए, जिससे पूजा का पूर्ण फल प्राप्त हो सके। इस प्रकार, 19 मार्च 2026 का यह दिन श्रद्धा, आस्था और नए आरंभ का संदेश लेकर आया है, जो हर व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा देता है।