अल्पसंख्यक आयोग में अध्यक्ष और सदस्य के पद 2023 से रिक्त क्यों: अदालत ने दिल्ली सरकार से पूछा

अल्पसंख्यक आयोग में अध्यक्ष और सदस्य के पद 2023 से रिक्त क्यों: अदालत ने दिल्ली सरकार से पूछा

अल्पसंख्यक आयोग में अध्यक्ष और सदस्य के पद 2023 से रिक्त क्यों: अदालत ने दिल्ली सरकार से पूछा
Modified Date: April 26, 2026 / 07:30 pm IST
Published Date: April 26, 2026 7:30 pm IST

नयी दिल्ली, 26 अप्रैल (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार से पूछा है कि दिल्ली राज्य अल्पसंख्यक आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों के पदों पर रिक्तियां 2023 से क्यों नहीं भरी गई हैं।

मुख्य न्यायाधीश डी. के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने टिप्पणी की कि कानून में यह कहा गया है कि रिक्तियों को ‘‘यथाशीघ्र’’ भरा जाना चाहिए, लेकिन (इन शब्दों की अस्पष्टता की आड़ लेकर) पदों को ‘स्थायी रूप से खाली नहीं रखा जा सकता’, और अधिकारियों को नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा।

इसने दिल्ली सरकार को यह निर्देश भी दिया कि वह एक हलफनामा दाखिल करे, जिसमें यह बताया जाए कि अब तक क्या-क्या कदम उठाए गए हैं और आयोग में रिक्त पदों को भरने के लिए निर्धारित समय-सीमा क्या है।

अदालत ने सालेक चंद जैन द्वारा दायर जनहित याचिका पर 22 अप्रैल को यह आदेश दिया।

याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि 24 अगस्त 2023 से आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों के पद रिक्त हैं।

याचिका पर दिल्ली सरकार को नोटिस जारी करते हुए अदालत ने कहा, ‘हम प्रतिवादी, दिल्ली सरकार से यह अनुरोध करते हैं कि वह एक उपयुक्त अधिकारी (जो प्रधान सचिव/अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद से नीचे का न हो) द्वारा शपथ पत्र दाखिल करे, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि आयोग में रिक्त पदों को 24 अगस्त 2023 से क्यों नहीं भरा गया है।’

अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 अगस्त की तारीख तय की है।

भाषा शुभम सुरेश

सुरेश


लेखक के बारे में