इंफाल, 10 फरवरी (भाषा) मणिपुर के मंत्री वाई खेमचंद ने सोमवार को कहा कि राज्य में नेतृत्व संकट को हल करने के लिए पार्टी आलाकमान जो भी निर्णय लेगा, भाजपा नेता उसका पालन करेंगे।
खेमचंद ने यह बयान भाजपा के पूर्वोत्तर प्रभारी संबित पात्रा द्वारा यहां एक होटल में पार्टी के कई विधायकों के साथ बंद कमरे में बैठक किए जाने के तुरंत बाद दिया।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, पात्रा ने विधानसभा अध्यक्ष थोकचोम सत्यब्रत, शिक्षा मंत्री थौनाओजम बसंत कुमार सिंह, भाजपा विधायक टी. राधेश्याम और नगरपालिका प्रशासन एवं आवास विकास मंत्री खेमचंद से अलग-अलग मुलाकात की।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मणिपुर इकाई में बढ़ते असंतोष और नेतृत्व परिवर्तन की मांग के बीच एन बीरेन सिंह ने रविवार को राज्यपाल अजय कुमार भल्ला को मणिपुर के मुख्यमंत्री पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया था।
राज्यपाल ने उनके तथा उनकी मंत्रिपरिषद के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया था तथा उनसे वैकल्पिक व्यवस्था होने तक पद पर बने रहने का अनुरोध किया था।
खेमचंद ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘आलाकमान जो भी निर्णय लेगा, हम उसे स्वीकार करेंगे। समस्या समाप्त हो गई है। अब ध्यान इस बात पर है कि शांति कैसे बहाल की जाए।’’
दोनों समुदायों के बीच सुलह की संभावना के बारे में पूछे जाने पर खेमचंद ने कहा, ‘‘हां, मेरा मानना है कि इसकी शुरुआत जल्द ही होगी। हमारी पार्टी की व्यवस्था के अनुसार, आलाकमान जो भी फैसला करेगा, हमें उसे स्वीकार करना होगा और सभी सदस्य उस फैसले का पालन करेंगे।’’
खेमचंद शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने में विफल रहने को लेकर बीरेन सिंह सरकार के खिलाफ मुखर रहे हैं।
सूत्रों ने बताया कि भाजपा विधायक अगले 48 घंटों में इंफाल या अन्य जगहों पर स्थिति पर चर्चा करने के लिए और बैठकें कर सकते हैं।
इस बीच, राज्य की राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
भाषा देवेंद्र नेत्रपाल
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