हेल्पलाइन सेवा की मदद से 10 साल में 2.32 लाख लोगों ने तंबाकू की लत छोड़ी

हेल्पलाइन सेवा की मदद से 10 साल में 2.32 लाख लोगों ने तंबाकू की लत छोड़ी

हेल्पलाइन सेवा की मदद से 10 साल में 2.32 लाख लोगों ने तंबाकू की लत छोड़ी
Modified Date: May 30, 2026 / 03:46 pm IST
Published Date: May 30, 2026 3:46 pm IST

नयी दिल्ली, 30 मई (भाषा) राष्ट्रीय तंबाकू त्याग हेल्पलाइन सेवा (एनटीक्यूएलएस) को पिछले 10 वर्षों में करीब एक करोड़ कॉल प्राप्त हुए हैं और इसने 2.32 लाख से अधिक लोगों को तंबाकू की लत छोड़ने में मदद की है। विश्व तंबाकू निषेध दिवस की पूर्व संध्या पर जारी आंकड़े से यह जानकारी मिली।

तंबाकू की लत छोड़ने वालों में 18 से 24 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की संख्या सबसे अधिक रही। इस आयु वर्ग के 91,933 लोगों ने तंबाकू की लत से छुटकारा पाया।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 30 मई, 2016 को नि:शुल्क हेल्पलाइन सेवा शुरू की थी। यह सेवा दिल्ली विश्वविद्यालय के वल्लभभाई पटेल चेस्ट इंस्टीट्यूट (वीपीसीआई) से संचालित होती है।

एनटीक्यूएलएस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मई 2016 से अप्रैल 2026 के बीच तंबाकू छोड़ने के लिए परामर्श सेवा को उसकी ‘इंटरएक्टिव वॉयस रिस्पॉन्स’ (आईवीआर) प्रणाली पर 99.31 लाख कॉल प्राप्त हुई।

इसके अनुसार इस अवधि में तंबाकू का सेवन करने वाले 6.75 लाख लोगों ने सेवा में पंजीकरण कराया और 2,32,870 लोगों ने तंबाकू की लत सफलतापूर्वक छोड़ दी। इस दौरान 37 लाख से अधिक परामर्श सत्र आयोजित किए गए।

वीपीसीआई के निदेशक और एनटीक्यूएलएस के समन्वयक डॉ. राज कुमार ने कहा, ‘‘भारत में 26.7 करोड़ लोग तंबाकू का सेवन करते हैं, जो दुनिया में तंबाकू उपयोगकर्ताओं की दूसरी सबसे बड़ी संख्या है। उनके पास तंबाकू की लत छोड़ने में मदद के लिए वर्षों तक कोई नि:शुल्क और व्यवस्थित सहायता प्रणाली नहीं थी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हेल्पलाइन ने केवल एक सेवा ही नहीं दी। इसने तंबाकू की लत से छुटकारा पाने की इच्छा रखने वाले हर भारतीय को यह भरोसा दिया कि उसकी नि:शुल्क कॉल का जवाब एक प्रशिक्षित पेशेवर देगा, भले ही वह कहीं भी हो, कोई भी भाषा बोलता हो या उसकी आर्थिक स्थिति कैसी भी हो।’’

आंकड़ों के अनुसार, 2021 में पहली बार पंजीकरण की संख्या एक लाख से अधिक हुई और 1,28,809 उपयोगकर्ताओं ने पंजीकरण कराया। इसके बाद से हर साल परामर्श सत्रों की संख्या पांच लाख से अधिक रही है।

उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 2,09,964 पंजीकरण हुए और सबसे अधिक 69,683 लोगों ने तंबाकू की लत से छुटकारा पाया।

भाषा सिम्मी अमित

अमित


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