ओडिशा के राउरकेला में महिला माओवादी ने आत्मसमर्पण किया

ओडिशा के राउरकेला में महिला माओवादी ने आत्मसमर्पण किया

ओडिशा के राउरकेला में महिला माओवादी ने आत्मसमर्पण किया
Modified Date: March 30, 2026 / 07:46 pm IST
Published Date: March 30, 2026 7:46 pm IST

राउरकेला (ओडिशा), 30 मार्च (भाषा) भारत को ‘नक्सल-मुक्त’ बनाने की 31 मार्च की समय सीमा से एक दिन पहले सोमवार को एक महिला माओवादी ने ओडिशा पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उसकी पहचान मोंगडी होनहागा (19) के रूप में हुई है जो झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के छोटांगारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत मरांगपोंगा गांव की निवासी है।

पुलिस ने बताया कि वह शुरू में ओडिशा-झारखंड सीमा पर स्थित सारंडा जंगलों में सक्रिय माओवादियों के लिए मददगार के रूप में काम करती थी। बाद में उसे अनमोल नामक एक नेता द्वारा प्रतिबंधित संगठन में भर्ती किया गया था, जिसकी हाल में हत्या कर दी गई थी।

पश्चिमी रेंज के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) बृजेश राय ने कहा कि होनहागा बांको पत्थर खदान लूट मामले में शामिल थी, जिसमें माओवादियों ने लगभग पांच टन विस्फोटक लूटे थे।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें उसके आत्मसमर्पण करने के इरादे की जानकारी मिली और हमने उससे संपर्क किया। वह माओवादी विचारधारा से निराश थी और संगठन के भीतर भ्रष्टाचार और शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न से परेशान थी।’’

राउरकेला के पुलिस अधीक्षक (एसपी) नितेश वधवानी ने कहा कि अब तक रेंजदा में रेलवे ट्रैक विस्फोट और बांको में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के कर्मियों को निशाना बनाकर किए गए आईईडी विस्फोट सहित चार मामलों में उसकी संलिप्तता साबित हो चुकी है।

ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वाई बी खुरानिया के अनुसार, 2025 से अब तक 77 माओवादियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है, जबकि राज्य के 23 अन्य लोगों ने छत्तीसगढ़ पुलिस के सामने हथियार डाल दिए हैं।

भाषा आशीष संतोष

संतोष


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