नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर महिलाएं निभा रही हैं अहम भूमिका

नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर महिलाएं निभा रही हैं अहम भूमिका

नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर महिलाएं निभा रही हैं अहम भूमिका
Modified Date: March 8, 2026 / 08:23 pm IST
Published Date: March 8, 2026 8:23 pm IST

(किशोर द्विवेदी)

नोएडा/लखनऊ, आठ मार्च (भाषा) गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर में स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विकास और संचालनात्मक योजना में महिलाएं अहम भूमिका निभाती नजर आ रही हैं।

हाल में नागर विमानन महानिदेशालय से लाइसेंस हासिल कर चुके नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अगले डेढ़ से दो महीने में उड़ान सेवाएं शुरू होने की उम्मीद है।

हवाई अड्डे के अधिकारियों ने कहा कि इस परियोजना से संगठन ने शुरू से ही एक विविध टीम तैयार की है, जिसमें महिलाएं सिर्फ नेतृत्व वाले पदों पर ही नहीं बल्कि आधुनिक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के संचालन के लिए जरूरी तकनीकी, सुरक्षा और कामकाजी कार्यों में भी हिस्सा ले रही हैं।

परियोजना से जुड़े एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘नेतृत्व की भूमिका से लेकर सामने रहकर काम करने वाली संचालनात्मक टीम तक, आज महिलाएं हवाई अड्डे के संचालन से जुड़े विभिन्न कार्यों में योगदान दे रही हैं। इनमें संचालन की योजना, डिजाइन, वित्तीय कार्य, डिजिटल प्रणाली, नियामक कार्य और वाणिज्यिक कार्य शामिल हैं।’’

उन्होंने बताया कि हवाई अड्डे पर नेतृत्व के ढांचे में कई वरिष्ठ पदों पर महिलाओं की तैनाती की गई है, जो परियोजना के शुरुआती दौर से ही इसकी संगठनात्मक विविधता को शामिल करने के प्रयास को जाहिर करता है।

हवाई अड्डे के कार्य संचालन का नेतृत्व करने वाली मुख्य परिचालन अधिकारी किरण जैन के पास भारत और अमेरिका में नागर विमानन और आतिथ्य के क्षेत्र में तीन दशक से अधिक का अनुभव है।

अधिकारियों ने बताया कि किरण संचालन प्रक्रिया की योजना और विमानन कंपनी की साझेदारी का समन्वय करने तथा हवाई अड्डे पर अन्य विभिन्न गतिविधियों के लिए आवश्यक स्थितियां बनाने में करीब से शामिल रही हैं।

मुख्य वित्त अधिकारी नीतू सामरा के कंधों पर वित्तीय रणनीति और स्थानीय कार्य संचालन की देखरेख का जिम्मा है और उन्हें वित्तीय सेवाओं व संपत्ति प्रबंधन के क्षेत्र में 25 साल से अधिक का अनुभव है।

मानव संसाधन विभाग की मुखिया मिली सक्सेना हवाई अड्डे पर मानव संसाधन रणनीति और कर्मचारियों की जिम्मेदारी संभालती हैं।

अधिकारियों ने बताया कि महिलाएं हवाई अड्डे पर नियमों का पालन और समन्वय, सुविधाओं का प्रबंधन, विमान सुरक्षा, वाणिज्यिक संचालन, आधारभूत संरचना तैयार करना और डिजिटल व्यवस्था का संचालन जैसे अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम कर रही हैं।

अधिकारी ने कहा, ‘‘हवाई अड्डे पर महिलाएं मुख्य परिचालन अधिकारी, मुख्य वित्त अधिकारी और मानव संसाधन प्रमुख जैसे कई महत्वपूर्ण नेतृत्व पदों हैं। यह दिखाता है कि महिलाएं रणनीतिक निर्णय और संचालन तैयारियों दोनों को आकार देने में मदद कर रही हैं।’’

अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में वर्तमान में लगभग 45 महिलाएं आर्किटेक्चर और टर्मिनल डिज़ाइन, एयरसाइड कंप्लायंस, संचालन कमांड फंक्शन, नियामक निगरानी और डिजिटल सिस्टम प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में काम कर रही हैं।

इसके अलावा महिलाएं आपात प्रक्रिया और सुरक्षा के लिए जिम्मेदार हवाई अड्डे की ‘एयरक्राफ्ट रेस्क्यू एंड फायर फाइटिंग’ (एआरएफएफ) इकाई का भी हिस्सा हैं।

धिकारी ने बताया कि अभी एआरएफएफ टीम में पांच महिलाएं कार्यरत हैं और आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी विशेष प्रशिक्षण और तैयारी के दौर से गुजर रही हैं।

हवाई अड्डे पर सामान्य विमान सेवाएं शुरू होने के बाद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल हवाई अड्डे की सुरक्षा का जिम्मा संभालेगा।

अधिकारियों ने कहा कि हवाई अड्डे के निर्माण के दौरान भी महिलाओं की विशेष भूमिका रही है। इस दौरान उन्होंने खासकर इंजीनियरिंग और सुरक्षा से संबंधित कार्यों में अहम योगदान दिया।

परियोजना से जुड़ी प्रमुख गतिविधियों में शामिल 30 इंजीनियरिंग कर्मचारियों में से 16 महिलाएं थीं, जबकि छह महिलाएं अन्य विभिन्न टीम का हिस्सा थीं।

भाषा सलीम खारी

खारी


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