महिला आरक्षण अधिनियम मोदी सरकार का ऐतिहासिक कदम: गुजरात की मंत्री वकील

महिला आरक्षण अधिनियम मोदी सरकार का ऐतिहासिक कदम: गुजरात की मंत्री वकील

महिला आरक्षण अधिनियम मोदी सरकार का ऐतिहासिक कदम: गुजरात की मंत्री वकील
Modified Date: April 14, 2026 / 09:35 pm IST
Published Date: April 14, 2026 9:35 pm IST

गांधीनगर, 14 अप्रैल (भाषा) गुजरात की मंत्री मनीषा वकील ने मंगलवार को कहा कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटों के आरक्षण का प्रावधान करने वाला ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ मोदी सरकार द्वारा उठाया गया एक ऐतिहासिक कदम है।

महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इसके कार्यान्वयन में तेजी लाने के लिए 2023 के अधिनियम में बदलाव करना बहुत जरूरी था।

उन्होंने कहा, ‘‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधनों पर (16 अप्रैल से शुरू होने वाले संसद के तीन दिवसीय सत्र के दौरान) चर्चा होगी। नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा उठाया गया एक ऐतिहासिक कदम है।’’

वकील ने जोर देकर कहा, ‘‘इस विधेयक को पारित किया जाना समय की जरूरत है, क्योंकि प्रमुख विधायी निकायों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व राष्ट्र निर्माण से जुड़ा एक महत्वपूर्ण पहलू है।’’

सितंबर 2023 में, संसद ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित किया, जिसे आमतौर पर महिला आरक्षण अधिनियम के रूप में जाना जाता है। यह विधायी निकायों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।

इस अधिनियम में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान है। अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों के पारित होने पर लोकसभा सीटों की संख्या बढ़कर 816 हो जाएगी, जिनमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।

वर्तमान कानून के तहत, महिलाओं के लिए आरक्षण 2034 से पहले लागू नहीं हो पाता, क्योंकि यह 2027 की जनगणना के बाद परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने से जुड़ा था।

इसे 2029 के लोकसभा चुनावों से लागू करने के लिए अधिनियम में बदलाव आवश्यक थे। इसलिए सरकार कानून में संशोधनों को पारित करने के लिए संसद का तीन दिवसीय सत्र बुला रही है।

भाषा संतोष सुरेश

सुरेश


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