महिला आरक्षण: राहुल और रीजीजू में वार-पलटवार, कांग्रेस ने सरकार की मंशा पर उठाए सवाल

महिला आरक्षण: राहुल और रीजीजू में वार-पलटवार, कांग्रेस ने सरकार की मंशा पर उठाए सवाल

महिला आरक्षण:  राहुल और रीजीजू में वार-पलटवार, कांग्रेस ने सरकार की मंशा पर उठाए सवाल
Modified Date: August 8, 2026 / 08:10 pm IST
Published Date: August 8, 2026 8:10 pm IST

नयी दिल्ली, आठ अगस्त (भाषा) लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू के बीच महिला आरक्षण के मुद्दे पर शनिवार को सोशल मीडिया पर वार-पलटवार देखने को मिला, जब रीजीजू ने कांग्रेस नेता के एक वीडियो का हवाला देते हुए उम्मीद जताई कि विपक्षी दल महिला आरक्षण संबंधी विधेयक का बिना शर्त समर्थन करेगा।

राहुल गांधी ने पलटवार करते हुए कहा कि यह विधेयक 2023 में ही सर्वसम्मति से पारित हो चुका है और इसे परिसीमन से ‘‘बेवजह’’ नहीं जोड़ा जाना चाहिए।

राहुल गांधी ने एक्स पर रीजीजू को संबोधित पोस्ट करते हुए कहा कि संसदीय कार्य मंत्री होने के नाते उनसे बेहतर यह कौन जानता होगा कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 में ही सर्वसम्मति से पारित हो चुका है और कांग्रेस ने इसका पूर्ण समर्थन किया था।

उन्होंने कहा, ‘‘सवाल यह है कि तीन साल बाद भी वह लागू क्यों नहीं हुआ और अब आप उसे परिसीमन से बेवजह क्यों जोड़ना चाहते हैं?’’

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ‘‘2023 का कानून लागू कीजिए। बिना किसी शर्त के।’’

इससे पहले रीजीजू ने महिलाओं की ऊर्जा और उनकी अभिव्यक्ति को लेकर राहुल गांधी द्वारा जारी किए गए एक वीडियो संदेश को साझा करते हुए कहा कि यह कांग्रेस की ओर से एक सकारात्मक संदेश लगता है।

रीजीजू ने कहा, ‘‘महिलाओं को लेकर राहुल गांधी जी के रुख में स्पष्ट बदलाव दिखाई दे रहा है। अब मुझे उम्मीद है कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण विधेयक का बिना शर्त समर्थन करेगी।’’

रीजीजू ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए सीटों के आरक्षण का प्रावधान संविधान के 106वें संशोधन अधिनियम, 2023 के तहत किया गया है।

उन्होंने कहा कि यह प्रावधान परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने और वर्ष 2023 के बाद प्रकाशित जनगणना के आंकड़ों के आधार पर लागू होगा।

उनका कहना है कि वर्ष 2026 के बाद की जनगणना के आंकड़ों को प्रकाशित करने की प्रक्रिया में काफी समय लग सकता है और जाति आधारित जनगणना के कारण इसमें और विलंब होने की संभावना है।

रीजीजू के अनुसार, ऐसी स्थिति में महिला आरक्षण का कार्यान्वयन कम से कम 2034 के आम चुनाव से पहले संभव नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि यदि 2029 के आम चुनाव में महिला आरक्षण लागू करना है तो नवीनतम उपलब्ध जनगणना के आंकड़ों के आधार पर परिसीमन की प्रक्रिया जल्द शुरू करनी होगी।

मंत्री ने कहा कि इसी उद्देश्य से परिसीमन विधेयक, 2026 के माध्यम से कार्यान्वयन की प्रक्रिया प्रस्तावित की गई थी, लेकिन इस उद्देश्य के लिए लाया गया संविधान संशोधन विधेयक, 2026 लोकसभा में पारित नहीं हो सका।

कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने रीजीजू पर पलटवार किया और आरोप लगाया कि सरकार जनगणना में देरी का हवाला देकर महिला आरक्षण लागू करने के लिए कानून में निर्धारित जनगणना की अनिवार्यता को छोड़ना चाहती है और 2011 के पुराने आंकड़ों के आधार पर परिसीमन कराना चाहती है।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार की वास्तविक चिंता महिलाओं का आरक्षण है तो वह इसे जनगणना और परिसीमन से अलग करने के लिए विधेयक क्यों नहीं लाती तथा 2029 तक इंतजार करने के बजाय आगामी विधानसभा चुनावों में ही महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण क्यों नहीं देती।

खेड़ा ने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण का इस्तेमाल परिसीमन को आगे बढ़ाने के लिए ‘‘आवरण’’ के तौर पर किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘जनगणना समस्या नहीं है। आपकी सरकार समस्या है।’’

राहुल गांधी ने शुक्रवार को जारी अपने वीडियो संदेश में कहा था कि भारत की महिलाओं को खुद को अभिव्यक्त करने और अपनी सोच का विस्तार करने की पर्याप्त स्वतंत्रता नहीं मिल रही है।

उन्होंने कहा था, ‘‘भारत की महिलाओं को खुद को अभिव्यक्त नहीं करने दिया जा रहा है। उन्हें कल्पना करने की अनुमति नहीं है। मेरे लिए कोई भी देश तब तक सफल नहीं हो सकता, जब तक उसकी महिलाएं खुद को अभिव्यक्त नहीं कर रही हों।’’ राहुल गांधी ने कहा था कि उनकी राजनीति और देश की राजनीति का एक बड़ा हिस्सा लोगों को यह समझाने से जुड़ा होना चाहिए कि महिलाओं की अभिव्यक्ति के बिना देश ‘‘अवरुद्ध और अधूरा’’ है।

रीजीजू और राहुल गांधी के बीच यह वार-पलटवार ऐसे समय हुआ है जब सरकार महिला आरक्षण और परिसीमन से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक पर सहमति बनाने का प्रयास कर रही है।

रीजीजू ने संसद में जारी गतिरोध खत्म करने और इस मुद्दे पर विपक्ष से बातचीत के लिए हाल के दिनों में राहुल गांधी से कई बार संपर्क किया है।

भाषा हक पवनेश रंजन

रंजन


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