देश की तरक्की से दुनिया का बढ़ता है भरोसा: मोदी; भारत और बेल्जियम व्यापार दोगुना करने पर सहमत

देश की तरक्की से दुनिया का बढ़ता है भरोसा: मोदी; भारत और बेल्जियम व्यापार दोगुना करने पर सहमत

देश की तरक्की से दुनिया का बढ़ता है भरोसा: मोदी; भारत और बेल्जियम व्यापार दोगुना करने पर सहमत
Modified Date: September 3, 2026 / 10:21 pm IST
Published Date: September 3, 2026 10:21 pm IST

नयी दिल्ली, तीन सितंबर (भाषा) भारत और बेल्जियम ने बृहस्पतिवार को कई समझौतों पर हस्ताक्षर कर रक्षा सहयोग विस्तारित करने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बेल्जियम के उनके समकक्ष बार्ट डी वेवर ने खंडित वैश्विक भू-राजनीतिक माहौल के बीच संबंधों को प्रगाढ़ करने के लिए व्यापार और निवेश, महत्वपूर्ण खनिजों, उच्च-प्रौद्योगिकी और सेमीकंडक्टर के महत्व को रेखांकित किया।

दोनों नेताओं के बीच व्यापक वार्ता के बाद, मोदी ने पिछली तिमाही में भारत द्वारा 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज किए जाने का उल्लेख किया और कहा कि देश की आर्थिक प्रगति दुनिया के लिए विश्वास और नये अवसरों का स्रोत है।

दोनों देशों ने पांच समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिनमें रक्षा संबंधों को मज़बूत करने और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े समझौते शामिल हैं। साथ ही, अगले पांच वर्षों में सालाना द्विपक्षीय व्यापार की मात्रा को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।

वर्तमान में, दोनों देशों के बीच व्यापार 13 अरब अमेरिकी डॉलर का है। भारत में बेल्जियम के निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक त्वरित निवेश तंत्र बनाया जा रहा है। साथ ही, सीमा-पार से होने वाले संगठित अपराध, साइबर अपराध और इससे जुड़े मामलों से निपटने में सहयोग के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और बेल्जियम संघीय पुलिस के बीच एक अलग समझौता ज्ञापन को अंतिम रूप दिया गया।

मोदी ने कहा, ‘‘आज दुनिया उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष की स्थितियां बनी हुई हैं। भोजन, ईंधन या आपूर्ति शृंखलाओं को लेकर अनिश्चितता हर क्षेत्र को प्रभावित कर रही है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस चुनौतीपूर्ण माहौल में भी भारत की अर्थव्यवस्था ने अपनी गति बनाए रखी है। पिछली तिमाही में हमने 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।’’

बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को एक बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि नयी दिल्ली और ब्रसेल्स ऐसे रिश्ते बना रहे हैं जो पहले से कहीं ज़्यादा व्यापक और रणनीतिक हैं।

डी वेवर ने कहा कि बेल्जियम भारत के साथ संबंधों को ‘‘आर्थिक, राजनीतिक और रणनीतिक – हर स्तर पर और आगे ले जाना’’ चाहता है।

व्यापार को बढ़ावा देने के महत्व पर जोर देते हुए, दोनों नेताओं ने व्यापार एवं निवेश के क्षेत्र में सहयोग की असली क्षमता को हासिल करने के लिए भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को समय पर लागू करने का आह्वान किया।

दोनों प्रधानमंत्रियों ने अहम भू-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा करते हुए, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों के अनुसार बातचीत और कूटनीति के जरिए यूक्रेन और पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों को सुलझाने की अपील की।

मोदी और डी वेवर के बीच बातचीत के दौरान, बेल्जियम और भारत के रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग के लिए 10 समझौतों को अंतिम रूप दिया गया। इनमें से कुछ समझौतों के तहत बेल्जियम की सैन्य प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करके भारत में रॉकेट जैसे सैन्य उपकरणों का संयुक्त रूप से उत्पादन किया जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘आज हम दोनों देशों के बीच सैन्य आदान-प्रदान और प्रशिक्षण सहयोग को बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। दोनों देशों की सरकारों और रक्षा उद्योगों के बीच हुए समझौते रक्षा क्षेत्र में मिलकर विकास और उत्पादन के नए अवसर खोलेंगे।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और बेल्जियम हर तरह के आतंकवाद को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

मोदी ने उच्च प्रौद्योगिकी और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए दोनों देशों की प्राथमिकताओं का जिक्र किया।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण और पुनर्चक्रण में सहयोग बढ़ाने का फ़ैसला किया है। सेमीकंडक्टर के मामले में, बेल्जियम की विशेषज्ञता और भारत में इसका दायरा एक-दूसरे के पूरक हैं।’’

बातचीत के दौरान, बेल्जियम ने विस्तारित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिए भारत की दावेदारी का समर्थन दोहराया।

भारत और बेल्जियम के बीच तीन शताब्दियों से अधिक पुराने ऐतिहासिक संबंध हैं। सितंबर 1947 में स्वतंत्र भारत के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने वाले शुरुआती यूरोपीय देशों में बेल्जियम भी शामिल था।

भाषा सुभाष पवनेश

पवनेश


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