योग मानवता के लिए भारत के सबसे बड़े उपहारों में एक है: अरूणाचल प्रदेश के राज्यपाल
योग मानवता के लिए भारत के सबसे बड़े उपहारों में एक है: अरूणाचल प्रदेश के राज्यपाल
ईटानगर, 21 जून (भाषा) अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल के टी परनाइक ने शनिवार को योग को ‘मानवता के लिए भारत के सबसे बड़े उपहारों में से एक’ बताया।
उन्होंने कहा कि यह बीमारियों से बचाव के लिए एक आसान और टिकाऊ तरीका है, जो मानसिक सेहत एवं संतुलित जीवनशैली बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यहां लोक भवन में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में भाग लेते हुए राज्यपाल ने कहा कि इस वैश्विक आयोजन से भारत की सदियों पुरानी सभ्यतागत समझ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली मान्यता का पता चलता है।
उन्होंने कहा कि प्राचीन भारतीय परंपराओं पर आधारित योग अब इंसानों के बीच स्वास्थ्य, शांति और एकता के लिए एक वैश्विक आंदोलन बन गया है।
इस साल की थीम ‘बढती उम्र में योग से रहे निरोग’ का ज़िक्र करते हुए, परनाइक ने कहा कि योग सभी उम्र के लोगों को फ़ायदा पहुंचाता है, यह जीवन भर शारीरिक फ़िटनेस, मानसिक सतर्कता और भावनात्मक सेहत बनाए रखने में मदद करता है।
उन्होंने कहा कि योग अच्छी सेहत, सकारात्मकता और आंतरिक शक्ति को बढ़ावा देता है, जिससे यह केवल एक व्यायाम से कहीं बढ़कर बन जाता है।
परनाइक ने कहा कि कोविड महामारी के बाद के दौर में इसका महत्व और बढ़ गया है, क्योंकि अब मानसिक मज़बूती और भावनात्मक संतुलन बहुत ज़रूरी हो गए हैं।
उन्होंने लोगों, खासकर युवाओं और बुज़ुर्गों से अपील की कि वे एक स्वस्थ और बेहतर ज़िंदगी के लिए योग को अपनी रोज़मर्रा की दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
स्वास्थ्य मंत्री बियूराम वाहगे इस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल और अरुणाचल प्रदेश पुलिस के जवानों, एनसीसी कैडेट, स्काउट और गाइड समेत कई लोगों ने हिस्सा लिया।
भाषा राजकुमार रंजन
रंजन

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