योग भौगोलिक सीमाओं से परे है और मानवता को एकजुट करता है : हरियाणा के राज्यपाल

योग भौगोलिक सीमाओं से परे है और मानवता को एकजुट करता है : हरियाणा के राज्यपाल

योग भौगोलिक सीमाओं से परे है और मानवता को एकजुट करता है : हरियाणा के राज्यपाल
Modified Date: June 21, 2026 / 10:17 pm IST
Published Date: June 21, 2026 10:17 pm IST

चंडीगढ़, 21 जून (भाषा) हरियाणा के राज्यपाल असीम कुमार घोष ने कहा कि दुनिया योग के मूल्यों को अपना रही है और उसे सीख रही है; जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन सभ्यता का अहम हिस्सा हैं।

हरियाणा लोक भवन में 12 अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल घोष ने कहा कि योग सिर्फ शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने का एक तरीका है, जो मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन और सर्वांगीण स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि मानसिक शांति से शरीर और मन दोनों का सर्वांगीण विकास होता है।

घोष ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस अब न केवल भारत में, बल्कि 150 से अधिक देशों में मनाया जाता है।

उन्होंने कहा कि योग शरीर को मजबूत बनाता है, मन को शांत करता है, सोचने की प्रक्रिया को बेहतर बनाता है और बौद्धिक क्षमताओं को बढ़ाता है, जिससे यह व्यक्तिगत और सामाजिक विकास के लिए एक मूल्यवान साधन बन जाता है।

हरियाणा योग आयोग और आयुष विभाग की संयुक्त सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यपाल की पत्नी मित्रा घोष ने भी हिस्सा लिया।

भाषा

शुभम दिलीप

दिलीप


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