Assam Election Result 2026: रुझानों में भगवामय दिख रहा असम! इतनी सीटों पर भाजपा ने बनाई बढ़त, कांग्रेस महज 7 सीटों पर आगे

रुझानों में भगवामय दिख रहा असम! इतनी सीटों पर भाजपा ने बनाई बढ़त, Assam Election Result 2026: BJP leads in Assam

Assam Election Result 2026: रुझानों में भगवामय दिख रहा असम! इतनी सीटों पर भाजपा ने बनाई बढ़त, कांग्रेस महज 7 सीटों पर आगे
Modified Date: May 4, 2026 / 01:27 pm IST
Published Date: May 4, 2026 8:29 am IST

गुवाहाटीः Assam Election Result 2026:  एक केंद्र शासित प्रदेश समेत देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में नतीजों की घड़ी आ गई है। पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु और केरलम, पुदुचेरी में वोटों की गिनती शुरू हो गई है। रुझान आने लगे हैं। असम में बीजेपी ने 33 सीटों पर बढ़त बनाई है। वहीं कांग्रेस महज 7 सीटों पर आगे चल रही है।

असम में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की अगुवाई में चुनाव मैदान में उतरी बीजेपी को जीत की हैट्रिक लगाने का भरोसा है। वहीं, सूबे की सत्ता से 10 साल लंबा वनवास समाप्त कराने की कोशिशों में जुटी कांग्रेस को भी जीत की उम्मीद है। प्रदेश में इस बार रिकॉर्ड 85 फीसदी से अधिक वोटिंग हुई है।

सत्ता का ‘मैजिक नंबर’, 64 सीटों की जंग

Assam Election Result 2026:  आपको बता दें कि असम की सत्ता पर काबिज होने के लिए बहुमत का जादुई आंकड़ा 64 है। असम विधानसभा में कुल 126 सीटें हैं। नियम के अनुसार, किसी भी राजनीतिक दल या गठबंधन को सरकार बनाने के लिए सदन में बहुमत सिद्ध करना होता है। बहुमत के लिए कुल सीटों के आधे से कम से कम एक अधिक सीट की जरूरत होती है। यानी, जिस भी दल या गठबंधन के पास 64 या उससे अधिक विधायक होंगे, वह राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश कर सकता है। यदि किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है, तो इसे त्रिशंकु विधानसभा कहा जाता है, जहां चुनाव के बाद गठबंधन की भूमिका अहम हो जाती है।

गठबंधन और क्षेत्रीय दलों का दबदबा

असम में पिछले कुछ चुनावों से गठबंधन की राजनीति का वर्चस्व रहा है। यहां मुख्य मुकाबला आमतौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले गठबंधन और कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच होता है। क्षेत्रवाद की मजबूत जड़ों के कारण क्षेत्रीय दल जैसे असम गण परिषद (AGP) और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (UPPL) अक्सर ‘किंगमेकर’ की भूमिका निभाते हैं। जब हम 64 सीटों के जादुई आंकड़े की बात करते हैं, तो इसमें निर्दलीय उम्मीदवारों और छोटे दलों की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। राज्य की जनसांख्यिकी इतनी विविध है कि ऊपरी असम, निचला असम और बराक घाटी- तीनों क्षेत्रों के चुनावी मुद्दे अलग-अलग होते हैं। सत्ता हासिल करने के लिए दलों को इन सभी क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी पड़ती है।


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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।