डीप वेन थ्रॉम्बोसिस नज़र अंदाज़ करने से बढ़ जाता है खतरा

डीप वेन थ्रॉम्बोसिस नज़र अंदाज़ करने से बढ़ जाता है खतरा

डीप वेन थ्रॉम्बोसिस नज़र अंदाज़ करने से बढ़ जाता है खतरा
Modified Date: November 29, 2022 / 06:49 am IST
Published Date: February 19, 2019 10:45 am IST

सेहत डेस्क। टांगों में सूजन और दर्द होना आम बात हो गई है। जिसे मेडिकल लेंग्वेज में डीवीटी यानी डीप वेन थ्रॉम्बोसिस के नाम से जाना जाता है।बताया जा रहा है कि इस बात को नज़रअंदाज़ करने से यह एक गंभीर बीमारी का रूप भी धारण कर लेती है। डीवीटी शरीर की नसों की गहराई में बन जाता है। ब्लड क्लॉट तब होता है जब खून गाढ़ा हो जाता है। ज़्यादातर ब्लड क्लॉट्स टांग के निचले हिस्से या जांघ पर होते हैं। शरीर की नसों में मौजूद ब्लड क्लॉट्स जब ब्लडस्ट्रीम में फैलते हैं, तो इनके फटने का भी डर होता है और अगर ऐसा हो जाए, तो इस फटे हुए क्लॉट को एम्बोलस कहते हैं। यह फेफड़ों की आर्टरीज़ तक पहुंचकर खून का प्रवाह रोक सकता है।इस स्थिति को पल्मनेरी एम्बोलिज़म या पीई कहते हैं।

डीवीटी के लक्षण

टांगों में सूजन या टांगों की नसों में सूजन
खड़े होने या चलने पर टांगों में दर्द या वीकनेस
टांग के उस हिस्से का गर्म हो जाना जिसमें सूजन या दर्द हो
टांग के प्रभावित हिस्से का लाल या कोई और रंग में बदल जाना

पल्मनेरी एम्बॉलिज़म के लक्षण

सांस लेने में दिक्कत
गहरी सांस लेने से दर्द होना
खांसी करते वक्त खून निकलना
तेज़ी से सांस का चलना और दिल की धड़कनें भी तेज़ हो जाना

 ट्रीटमेंट

डॉक्टर्स दवाओं और थेरेपीज़ के ज़रिए डीवीटी का इलाज करते हैं। इस उपचार में डॉक्टर का लक्ष्य होता है। इसके अलावा डॉक्टर्स खून को पतला करने की भी दवाई देते हैं। इसे रेगुलर लेनी होती है। इसका कोर्स लगभग 6 महीने का होता है। इस दवाई को लेने से खून पतला हो जाता है और ब्लड क्लॉट बड़ा नहीं होता।


लेखक के बारे में