CG assembly election 2023 if Bastar won government was formed

IBC Open Window: बस्तर की बिसात बिछाने वालों को मिला फायदा, जिसने बस्तर को रिझाया उसने ही सत्ता सुख पाया, देखिए विश्लेषण

CG assembly election 2023 : बस्तर को दुनिया भले ही सिर्फ नक्सल के रूप में जानती है, लेकिन यह इलाका छत्तीसगढ़ की सियासत को भी तय करता है।

Edited By: , September 22, 2022 / 09:46 PM IST

बरुण सखाजी, सह-कार्यकारी संपादक 

CG assembly election 2023 : बस्तर को दुनिया भले ही सिर्फ नक्सल के रूप में जानती है, लेकिन यह इलाका छत्तीसगढ़ की सियासत को भी तय करता है। राज्य बनने के बाद से लेकर आज तक बस्तर की बादशाहत ने छत्तीसगढ़ की बादशाहत तय की है। जो बस्तर जीतता है वही सत्ता की सिरमौर बनता है। हालांकि यह मिथक 2013 में विफल जरूर हुआ लेकिन 2018 में फिर रिस्टोर हो गया। भाजपा की राजनीति में मिथक, आंकड़े, परंपरा, नीति, रीति सबका समावेश है। ऐसे में वह इस मिथक को दरकिनार नहीं करना चाहती। अरुण साव प्रदेश अध्यक्ष बने तो पहला दौरा वे सरगुजा का करके आए, लेकिन वहां सिर्फ सूरजपुर तक ही सीमित रहे। लेकिन अब वे जब बस्तर गए हैं, तो पूरे 4 दिन लेकर। बस्तर के हाथ में कैसे है छत्तीसगढ़ की चाबी, करते हैं विश्लेषण।

बस्तर का चुनावी मिथक

  • बस्तर की 12 में से 11 सीटें एसटी आरक्षित हैं।
  • 2018 में 12 में से 11 सीटें कांग्रेस ने जीती थी।
  • चित्रकोट विधायक दीपक बैज के सांसद बनने से यह सीट खाली हुई
  • कांग्रेस ने चित्रकोट को उपचुनाव में भी जीत लिया
  • 2018 में दंतेवाड़ा इकलौती सीट भाजपा ने जीती थी
  • दंतेवाड़ा से भाजपा विधायक भीमा मंडावी की नक्सल हमले में मौत हो गई
  • दंतेवाड़ा में उपचुनाव हुए तो 2018 में हारी कांग्रेस की देवती कर्मा जीत गई
  • अब बस्तर में सभी 12 की 12 सीटें कांग्रेस के पास हैं।

जो जीता बस्तर वही उसीके हाथ आई सत्ता

  • जो जीतता है बस्तर वही जीतता है छत्तीसगढ़
  • 1998 के चुनाव से कायम यह मिथक 2013 में टूटा
  • लेकिन 2018 के चुनाव में फिर से यह सिद्ध हो गया
  • वर्ष 2000 में बस्तर की 12 की 12 सीटें कांग्रेस ने जीती थी
  • 1998 में अविभाजित एमपी में दिग्विजय सिंह की दूसरी पारी
  • इस पारी में बस्तर की भूमिका अहम
  • छत्तीसगढ़ से 61 सीटें जीती थी कांग्रेस ने, जब बनी थी दिग्विजय-2 सरकार

बस्तर 2000 से अब तक किंगमेकर

  • बस्तर से होकर आता है छत्तीसगढ़ की सत्ता का रास्ता
  • 2000 में बस्तर के 4 लाख वोटर ने कांग्रेस को दिए थे 12 विधायक
  • छत्तीसगढ़ के पहले चुनाव 2003 में हुए
  • 2003 चुनाव में बस्तर ने बदल दिया ट्रेंड
  • 2003 में भाजपा ने जीती 9 सीटें, कांग्रेस अटकी 3 पर
  • 2003 में बस्तर जीती भाजापा तो सरकार बनाई
  • 15 लाख वोटर थे 2003 में
  • 8 लाख ने किया था मतदान
  • छत्तीसगढ़ के दूसरा चुनाव 2008 में हुए
  • 2008 में बस्तर ने फिर भाजपा को चुना
  • 2008 चुनाव में बस्तर से भाजपा ने जीती 11 सीटें, कांग्रेस 1 पर सिमटी
  • 2008 में सिर्फ कवासी लखमा ही अपनी सीट बचा पाए
  • 2008 में बस्तर में लगभग 17 लाख 88 हजार वोटर थे
  • इस समय 12 लाख लोगों ने मताधिकारी का प्रयोग किया
  • 2008 में बस्तर में पहली बार 68 फीसद वोटिंग हुई
  • 2013 में हुआ छत्तीसगढ़ के तीसरे विधानसभा चुनाव
  • इस बार बस्तर से सत्ता तक का मिथक टूटा
  • 2013 में भाजपा की बस्तर में करारी हार हुई
  • भाजपा 2013 में सिर्फ 3 सीटें जीत पाई
  • 2013 के चुनाव में कांग्रेस ने बस्तर में की वापसी
  • 2013 में बस्तर में वोटर 19 लाख 60 हजार तक हो गए
  • 13 लाख 71 हजार लोगों ने वोटिंग की
  • यह बस्तर में हुई वोटिंग का सबसे बड़ा आंकड़ा था
  • बस्तर की इन 12 सीटों में 70 फीसद वोटिंग हुई
  • यह वापसी 2018 तक रही बरकरार
  • ये चुनाव भाजपा के लिए लिटमस टेस्ट सिद्ध हुए
  • 2018 में कांग्रेस ने 12 में से 11 सीटें जीती
  • 2018 में बस्तर में 20 लाख 64 हजार वोटर हो गए
  • 14 लाख 30 हजार लोगों ने वोट डाला
  • बस्तर में अब तक की सर्वाधिक 72 फीसद वोटिंग हुई
  • कांग्रेस बस्तर में जीती तो सत्ता में भी आई
  • 2013 में  टूटा मिथक फिर से कायम हुआ
  • 2018 के बाद से यहां 2 उपचुनाव हुए
  • दोनों कांग्रेस ने जीत लिए
  • 2018 में यहां 12 की 12 सीटें कांग्रेस की हैं

बड़ी प्लानिंग में भाजपा

बस्तर विजय ही छत्तीसगढ़ विजय सिद्ध होती है। यह भाजपा बखूबी जानती है। बस्तर की मौलिक मिजाज कांग्रेसी झुकाव वाला रहा है। लेकिन भाजपा ने 2003 और 2008 में इस मिजाज को बदल दिया था। लेकिन अपना जनाधार कायम नहीं रख पाई। अबकी भाजपा की बस्तर विजय की बड़ी प्लानिंग है।

Barun Sakhajee

Barun Sakhajee, Asso. Executive Editor