Google Fake Call Detection Feature: अब कोई भी फर्जी कॉल नहीं बच पाएगी! AI करेगा खुलासा, Google का ये नया फीचर बताएगा कौन है ठग और कौन असली

Google Fake Call Detection Feature: गूगल एंड्रॉयड यूजर्स के लिए एक नया AI आधारित फीचर लाया है जो स्कैम और फर्जी कॉल्स की पहचान करेगा। यह सिस्टम कॉल आने पर ही यूजर को चेतावनी देगा। जिससे लोग धोखाधड़ी से बच सकेंगे और उनकी निजी जानकारी व पैसे सुरक्षित रहेंगे।

Modified Date: June 3, 2026 / 05:54 pm IST
Published Date: June 3, 2026 5:54 pm IST
HIGHLIGHTS
  • Google ने AI आधारित फर्जी कॉल डिटेक्शन फीचर लॉन्च किया
  • स्कैम कॉल्स की पहचान कर तुरंत अलर्ट देगा सिस्टम
  • वॉइस क्लोनिंग और AI स्कैम से बचाव में मदद करेगा

Google Fake Call Detection Feature: गूगल ने एंड्रॉयड यूजर्स के लिए एक नया AI आधारित फेक कॉल डिटेक्शन फीचर लॉन्च किया है। इस फीचर का मकसद स्कैम और धोखाधड़ी वाली कॉल्स से यूजर्स को सुरक्षित रखना है। खासकर बढ़ते उन मामलों को देखते हुए लाया गया है जहां AI की मदद से आवाज की नकल कर लोगों को ठगा जा रहा है।

AI कैसे पहचान करेगा फर्जी कॉल?

यह नया सिस्टम गूगल की फोन ऐप के जरिए काम करेगा। जब कोई कॉल आएगी तो डिवाइस के बीच एक साइलेंट वेरिफिकेशन सिग्नल भेजा जाएगा। इससे यह पता लगाया जाएगा कि कॉल असली कॉन्टैक्ट से आई है या किसी स्कैमर द्वारा AI वॉइस क्लोनिंग के जरिए की गई है।

फर्जी कॉल होने पर मिलेगा अलर्ट

अगर सिस्टम को संदेह होता है कि कॉल फर्जी है तो यूजर की स्क्रीन पर चेतावनी दिखाई देगी। इसमें कॉल तुरंत काटने की सलाह दी जाएगी। यह फीचर बैकग्राउंड में ऑटोमैटिक रूप से काम करेगा। जिससे यूजर को अलग से कुछ करने की जरूरत नहीं होगी।

सेटिंग और यूजर कंट्रोल

यह फीचर डिफॉल्ट रूप से ऑन रहेगा लेकिन यूजर चाहें तो इसे फोन ऐप की सेटिंग में जाकर बंद भी कर सकते हैं। इसका मतलब है कि पूरा कंट्रोल यूजर के हाथ में रहेगा और जरूरत के अनुसार इसे मैनेज किया जा सकेगा।

किन डिवाइस में मिलेगा यह फीचर?

गूगल ने बताया है कि यह फीचर सबसे पहले Google Pixel डिवाइसेस में रोलआउट किया जाएगा। इसके बाद यह एंड्रॉयड 12 और उससे ऊपर वाले सभी स्मार्टफोन्स में उपलब्ध होगा। जो यूजर्स गूगल की Phone ऐप इस्तेमाल करते हैं उन्हें इसका फायदा मिलेगा।

कैसे करें इस्तेमाल?

इस फीचर का लाभ लेने के लिए यूजर को ‘Phone by Google’ ऐप को डिफॉल्ट कॉलिंग ऐप बनाना होगा। अगर किसी डिवाइस में यह ऐप पहले से नहीं है तो इसे प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। इसके बाद सिस्टम अपने आप बैकग्राउंड में फर्जी कॉल्स की पहचान करता रहेगा और यूजर को सुरक्षित रखेगा।

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लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।