Ministry of Labour and Employment : 2030 तक 30 लाख रोजगार का लक्ष्य! मनसुख मंडाविया ने किया बड़ा ऐलान; अब NCS पोर्टल पर मिलेंगी लाखों वेरिफाइड नौकरियां

भारत सरकार ने Porter और GigIn Technologies के साथ समझौता कर रोजगार के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया है। इस पहल के तहत 2030 तक 30 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही NCS पोर्टल को मजबूत बनाकर युवाओं को AI आधारित वेरिफाइड जॉब्स और स्किल डेवलपमेंट के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

Ministry of Labour and Employment : 2030 तक 30 लाख रोजगार का लक्ष्य! मनसुख मंडाविया ने किया बड़ा ऐलान; अब NCS पोर्टल पर मिलेंगी लाखों वेरिफाइड नौकरियां

Ministry of Labour and Employment / Image Source : AI GENERATED

Modified Date: April 13, 2026 / 10:11 pm IST
Published Date: April 13, 2026 10:11 pm IST
HIGHLIGHTS
  • सरकार ने Porter और GigIn के साथ मिलकर 30 लाख नौकरियों का लक्ष्य तय किया
  • NCS पोर्टल को ‘वन-स्टॉप जॉब प्लेटफॉर्म’ बनाने की तैयारी
  • AI और स्किल ट्रेनिंग से युवाओं को मिलेगा बेहतर रोजगार

नई दिल्ली : Ministry of Labour and Employment  भारत सरकार के श्रम और रोजगार मंत्रालय ने नेशनल करियर सर्विस (NCS) पोर्टल को सशक्त बनाने के लिए पोर्टर और गिगिन टेक्नोलॉजीज के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया की मौजूदगी में हुए इस एमओयू का मुख्य उद्देश्य डिजिटल जॉब मैचिंग को मजबूत करना और युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलना है। इस साझेदारी के तहत लॉजिस्टिक्स सेक्टर की प्रमुख कंपनी पोर्टर से साल 2030 तक 30 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई गई है, जो विशेष रूप से ड्राइविंग और शहरी लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में होंगे।

लाखों नौकरियों का लक्ष्य और NCS पोर्टल का विस्तार

वहीं, गिगिन टेक्नोलॉजीज हर साल 2 से 3 लाख वेरिफाइड नौकरियों के अवसर उपलब्ध कराएगी, जिससे NCS पोर्टल पर एम्प्लॉयर्स का दायरा और बढ़ेगा। वर्तमान में इस पोर्टल पर 7 लाख से ज्यादा सक्रिय वैकेंसी मौजूद हैं और लगभग 59 लाख संस्थान पहले से ही रजिस्टर्ड हैं। मंत्री मंडाविया ने एनसीएस प्लेटफॉर्म को युवाओं के लिए ‘वन-स्टॉप सॉल्यूशन’ बताते हुए इसे e-Migrate और My Bharat जैसे अन्य सरकारी प्लेटफॉर्म्स के साथ एकीकृत करने पर जोर दिया है, ताकि इसकी पहुंच और प्रभाव को और व्यापक बनाया जा सके।

स्किल गैप को भरने के लिए ट्रेनिंग

कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए मंत्री ने दोनों कंपनियों को सुझाव दिया कि वे युवाओं के लिए विशेष सॉफ्ट स्किल्स और कम अवधि वाले ट्रेनिंग कोर्स डिजाइन करें। ये कोर्स इंडस्ट्री की वर्तमान मांगों के आधार पर होने चाहिए ताकि स्किल गैप को भरा जा सके और युवाओं की नौकरी पाने की क्षमता में सुधार हो। गिगिन जैसी कंपनियां अपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और वेरिफिकेशन इंटेलिजेंस तकनीक के जरिए यह सुनिश्चित करेंगी कि युवाओं को सम्मानजनक और सुरक्षित रोजगार मिले, जिससे भारत का जॉब मार्केट अधिक डिजिटल और पारदर्शी बनेगा।

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and storyteller committed to ethical, ground-level, and impact-oriented reporting. A Gold Medalist in Journalism & Mass Communication, I believe in telling stories with accuracy, sensitivity, and purpose. Currently working with IBC24, I specialize in content writing, news production, and modern storytelling bridging facts with human experiences to inform, engage, and inspire audiences..