#IBC24MINDSUMMIT: कैलाश विजयवर्गीय ने भारतीय इतिहास पर उठाए सवाल, कहा-कम्यूनिष्ट या गुलाम इतिहासकारों ने लिखा, जानिए क्यों
कैलाश विजयवर्गीय ने भारतीय इतिहास पर उठाए सवाल,Kailash Vijayvargiya raised questions on Indian history

Kailash Vijayvargiya on IBC24 MIND SUMMIT। Image Source
भोपाल: Kailash Vijayvargiya on IBC24 MIND SUMMIT मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में शनिवार यानी आज देश की दिग्गज हस्तियां मध्यप्रदेश के सरोकार से जुड़े विषयों पर अपनी राय जाहिर करने के लिए एक मंच पर आ रही हैं। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का सबसे लोकप्रिय और भरोसेमंद चैनल IBC24 ये मंच मुहैया करा रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत हो गई है। कार्यक्रम के ऑफ द रिकॉर्ड सेशन में मध्यप्रदेश के संसदीय कार्य और नगरीय प्रशासन मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय शामिल हुए। कैलाश विजयवर्गीय को राजनीति के कुशल रणनीतिकार के रूप में जाने जाते हैं। IBC24 के माइंड समिट के महामंच में उन्होंने कई मुद्दों पर खुलकर बात की।
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हिंसा और बंटोगे तो कटोगे, एक है तो सेफ है जैसे नारों को लेकर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि हमारी यात्रा भारतीय जनसंघ से प्रारंभ हुई है। पंडित जवाहरलाल नेहरू की तुष्टीकरण की नीति के खिलाफ और हिंदुत्व की रक्षा के लिए जनसंघ बनी थी। हम तभी से उस विचारधारा से कभी अलग नहीं हुए हैं। इस प्रदेश इस बात का साक्षी है हमने पटवा जी के कार्यकाल में कहा था कि रामलला हम आएंगे.. मंदिर वहीं बनाएंगे। केंद्र में उस समय वीपी सिंह की सरकार थी। उन्होंने कहा कि आप राम मंदिर का समर्थन नहीं करेंगे, नहीं तो हम आपकी सरकार को भंग कर देंगे। पटवा जी ने कहा कि कल भंग करते हो तो आज भंग कर दो। हम मंदिर का समर्थन करेंगे। सरकार को हमने ठोकर मार दी। हम हमारी विचारधारा से कभी कंप्रोमाइज नहीं करते गैं। हम बचपन में बहुत छोटे थे, संघ शाखा में जाते थे। मंडल के अंदर नारे लगते थे कि एक देश में दो निशान.. दो विधान.. दो प्रधान नहीं चलेंगे, नहीं चलेंगे। हमें पता नहीं था कि ये क्या होता है। हमने एक बार हमारे मुख्य शिक्षक जी से पूछा कि क्या है। उन्होंने कहा कि बोले धारा 370 हटाना है। जब हमें मैच्योरिटी आई तो हमें समझ में आया कि एक देश के हिस्से में धारा 370 लगी है। वहां का झंडा अलग है। वहां का विधान अलग है। वहां आरक्षण नहीं है। धारा 370 लगी होने के कारण 70 साल तक जम्मू कश्मीर के दलित भाइयों को आरक्षण का लाभ नहीं मिला और जैसे ही धारा 370 हटी वहां के दलितों को आरक्षण देने का काम मोदी जी की सरकार ने किया। लोग आरक्षण समाप्त करने की बात करते हैं। आरक्षण समाप्त आपने जम्मू कश्मीर में किया था और इसलिए हमारी विचारधारा से हमने कभी कंप्रोमाइज नहीं किया। हम हटे नहीं, हमने कुर्सी के लिए राजनीति नहीं की। हमने देश के लिए राजनीति की। इजराइल और हमास का युद्ध को लेकर उन्होंने कहा कि हमास के समर्थन में हमारे देश के 40 शहरों में बड़े-बड़े प्रदर्शन हुए, जबकि इसकी कोई आवश्कता नहीं थी। इस प्रकार के शक्ति प्रदर्शन होते हैं ना तो फिर बात निकलती है कि एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे हमेशा जब भी कोई पॉलिटिक्स होती है, राजनीति होती है तो एक्शन के लिए रिएक्शन होती है।
विजयवर्गीय ने इतिहास पर उठाए सवाल
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस के साथ-साथ भारतीय इतिहास पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतिहास इसलिए होता है कि पुराने समय में जो गलतियां हुई उसमें हम सुधार करे। मुट्ठी भर अंग्रेज आए और देश पर उन्होंने शासन किया। मुट्ठी भर मुगल आए और शासन किया। दरअसल, उन्होंने समाज को बांटा। इतिहास में जिन लोगों ने राज किया वो समाज को बांटकर राज किया। हम समाज को एक करके भारत को सशक्त कर रहे हैं। विपक्ष अभी भी समाज को बांटकर कुर्सी प्राप्त करना चाहते हैं। दोनों में यह अंतर है और इसलिए हम इतिहास से सबक ले रहे हैं। इसलिए हम कहते हैं एक ही तो सेफ है और वह इतिहास से इतिहास की गलतियों को दोहराना चाहते हैं व समाज को बाटकर कुर्सी हथियाना चाहते हैं। यह षड्यंत्र देश की जनता होने नहीं देगी। विजयवर्गीय ने कहा कि इतिहास इसलिए अच्छा होता है कि कुछ गलती हुई हो तो हम उसको सुधारे और जो अच्छा हुआ है उसका अनुसरण करें। मंदिर था उसके ऊपर मस्जिद बन गई पर मंदिर था यह जानने का हक नहीं है क्या? यह एजेंडा नहीं है। लोगों ने इतिहास को समझा है पढ़ा है और देखा है। देश के इतिहास के बारे में बहुत
कंट्रोवर्सी भी है यह इतिहास कुछ कम्युनिस्ट इतिहासकारों ने लिखा है। यह इतिहासअंग्रेजों के गुलाम इतिहासकारों ने लिखा है। नहीं तो क्या इतिहास के पन्नों में लिखा होता कि घास की रोटी खाने वाला महाराणा प्रताप महान नहीं है। वह महाराणा प्रताप जिसने अकबर के छक्के छुड़ाए। क्या वह अकबर महान है। गुरु गोविंद सिंह जी उनको लुटेरा कहा गया। गुरु गोविंद सिंह जी लुटेरे रहे हैं इतिहास की जो गलतियां है उसको भी सुधारना है और इतिहास में जो गलत हुआ उसका जानने का अधिकार इस देश की जनता को है और इसलिए अगर कोई यह कहता है कि हम कोई विवाद कर रहे तो हम विवाद नहीं कर रहे हैं।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
सरकार की ओर से लिए जा रहे कर्ज को लेकर विपक्षी लगातार सवाल उठा रहे हैं। इस पर विजयवर्गीय ने कहा कि हमारी सरकार में विदेशी निवेश आया है। हमारे पास विदेशी मुद्रा जमा है। हमारे पास सोना यूपीए सरकार से चार गुना है। हमने हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत की है। उससे हमारी सैन्य शक्ति भी बढी है। मुझे कहते हुए गर्व है कि 2014 में हमारी सेना देश के विश्व की 10 बड़ी सेनाओं में 10वें नंबर पर थी। मुझे कहते हुए अब विश्व के अंदर हमारी सेना नंबर तीसरे और चौथे नंबर पर आता है। हर क्षेत्र में हमारा विकास हुआ है। आप किसी भी क्षेत्र में चले जाइए यह हमारी विशेषता है कि हमने देश को हर क्षेत्र में मजबूत करने की कोशिश की।
'सीएम मोहन यादव बहुत उर्जावान है'
राष्ट्रीय राजनीति से राज्य की राजनीति में फिर से आने और मोहन यादव सरकार में एक साल काम करने के सवाल पर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि मैंने संगठन में भी काम किया और सत्ता में भी काम किया और अभी भी कर रहा हूं। मैंने उमा भारती जी, स्व. बाबूलाल गौर जी, शिवराज सिंह चौहान जी के साथ काम किया और अब डॉ. मोहन यादव की अगुवाई सरकार का हिस्सा हूं। पहले हमसे बराबर या सीनियर लोग थे और अब हमसे जूनियर मुख्यमंत्री है। ज्यादा ऊर्जावान हैं, ज्यादा काम करने की क्षमता और एक नया सोच भी है और इसलिए एक वर्ष का अच्छा अनुभव है। हमारी सरकार की अगुवाई में प्रदेश ने हर क्षेत्र में काफी प्रगति की है।
जूनियरों के साथ तालमेल में कोई दिक्कत आई?
जूनियर नेताओं के साथ काम करने में तालमेल की दिक्कत संबंधी एक सवाल पर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की विशेषता यह है कि हमारे यहां व्यक्ति काम नहीं करता, एक टीम काम करती है और हम लोग टीम वर्क से काम करते हैं, इसलिए कभी लगता नहीं कि कौन सीनियर है और कौन जूनियर है? जैसे मैं उदाहरण बताऊं आपको कि राजनाथ जी कभी राष्ट्रीय अध्यक्ष थे और मोदी जी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। राजनाथ जी जब वहां जाते थे तो मोदी जी उनको लेने आते थे और अब मोदी जी लखनऊ जाते हैं तो राजनाथ जी लेने आते हैं। यह एक प्रोटोकॉल है और हमारे यहां जो व्यक्ति जिस जवाबदारी में है, उस जवाबदारी के साथ सब कार्यकर्ता पीछे उसके टीम बनाकर काम करते हैं। इसलिए कभी तालमेल को लेकर गड़बड़ की स्थिति नहीं बनी। यह बात सही है कि मोहन जी हम सबसे जूनियर है, पर कभी ऐसा नहीं लगा। एक लीडर लीडर होता है और वह भी वरिष्ठ मंत्रियों को उतना ही सम्मान देते हैं।
चुनाव में महिला वोट्स की निर्णायक भूमिका, क्या इसे बैलेंस करना चुनौती पूर्ण है?
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि एक तरफ मोदी जी के नेतृत्व में एनडीए काम कर रहा है और एक तरफ विपक्ष काम कर रहा है। विपक्ष में नेतृत्व किसका यह तो आपको भी ढूंढना पड़ेगा। विपक्ष एक एजेंडा है, जिसके ऊपर वो जोर देते हैं वो हैं जाति के आधार पर जनगणना। एक तरफ मोदी जी हैं जो कहते हैं कि मेरी चार जातियां हैं, पहला महिला सशक्तिकरणस दूसरा किसान सशक्तिकरण, तीसरा युवा सशक्तिकरण और चौथा गरीब कल्याण। हम लोग सिर्फ इन चार वर्गों को तरफ ध्यान देते हैं, उनके विकास के लिए काम करते हैं। मोदी जी के पहले कभी किसानों को सम्मान निधि की राशि नहीं मिली, एमएसपी पर फसलों की खरीदी नहीं की। उन्होंने कहा कि गरीब पहले कल्याण के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना नहीं बनी। देश में एक समय इंदिरा आवास योजना आई थी। उस समय एक पंचायत में एक मकान और कभी-कभी तो दो पंचायत के बीच में एक मकान मिलता था। कहते थे आधा-आधा बनाओ। आज एक-एक पंचायत में 200, 250, 500 मकान मिलते हैं। कोई सोच सकता है कि इस देश के अंदर 4 करोड़ मकान गरीबों के बने हैं। पहले देश में भुखमरी से लोगों की मौत होती थी, लेकिन मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद देश में किसी गरीब की भूख से मौत नहीं हुई है। हर गरीब के घर में प्रधानमंत्री अन्न योजना के माध्यम से प्रति व्यक्ति 5 किलो अनाज पहुंच रहा है। यह गरीब कल्याण, यह किसान कल्याण, यह महिला कल्याण इसके लिए काम हम कर रहे हैं। यदि बजट की बात करें तो 2004 में जब यूपीए की सरकार आई तब बजट 6 लाख करोड़ का था। 2014 में लगभग 13 करोड़ का था। आज हमारी सरकार का बजट है लगभग 40 करोड़ का है। हमारी आर्थिक स्थिति बढ़ी है। पिछले सरकारों ने कभी नहीं सोचा।
https://www.youtube.com/watch?v=CbeUwpDPVUI
लेखक के बारे में
सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।
और भी पढ़ें...Web Title: Kailash Vijayvargiya raised questions on Indian history
IBC24 Originals
और भी पढ़ें ›
Raigad Diveagar Beach Incident: खुशियों के बीच अचानक मचा कोहराम, कुछ ही देर में बदल गया पूरा माहौल, 8 छात्रों की मौत से मचा हड़कंप
01 Oct 2026 | 8:24 pm
Ayodhya Parikrama Route: अयोध्या में विकास की नई तस्वीर, दीपोत्सव से पहले बदलेगा 14 कोसी परिक्रमा मार्ग का स्वरूप, श्रद्धालुओं को मिलेंगी नई सुविधाएं
01 Oct 2026 | 7:37 pm
Uttar Pradesh News: अब लखपति दीदियों को ‘करोड़पति दीदी’ बनाने की तैयारी, गांधी जयंती पर पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा ‘सुधार उत्सव’, ग्राम सभाओं में इन एजेड़ों पर होगी चर्चा
01 Oct 2026 | 7:26 pm
Chaudhary Bhupendra Singh on Akhilesh: ‘अखिलेश ने तिजोरी भरने के लिए बनाया था एक्सप्रेसवे’, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर भड़के मंत्री भूपेंद्र सिंह, गिनाए पुराने कारनामे
01 Oct 2026 | 7:14 pm
Uttar Pradesh News: सात समंदर पार पहुंची यूपी के आम की मिठास, पांच साल में 90 हजार क्विंटल निर्यात, योगी सरकार की नीतियों के चलते बढ़ी डिमांड
01 Oct 2026 | 7:06 pm
Rahul Gandhi Balaghat visit: आदिवासी परिवारों से मिले राहुल गांधी, बच्चों की मौत पर सरकार को घेरा, उठाए स्वास्थ्य और मुआवजे के मुद्दे
01 Oct 2026 | 7:00 pm
Pitru Paksh 2026: क्या आप भी सिर्फ पितृ पक्ष में ही करते हैं तर्पण? जानिए ‘श्राद्ध पक्ष’ के अलावा साल भर पितरों को तृप्त करने के गुप्त अवसर!
01 Oct 2026 | 6:57 pm
Danish Azad Ansari on Akhilesh Yadav: ‘लोकतंत्र की बात पर जनता हंसेगी’, मंत्री दानिश आजाद का अखिलेश यादव पर जोरदार पलटवार, कहा- ऐसी बातों पर हंसी आती है
01 Oct 2026 | 6:34 pm