IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026 : पिता की मेहनत का बेटी ने दिया ऐसा फल! 12वीं में प्रदेश में दूसरा स्थान, अब CA बनने का सपना, IBC24 स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप से होगा सम्मान

बेमेतरा की ओमनी वर्मा ने 12वीं सीजी बोर्ड परीक्षा में पूरे छत्तीसगढ़ में दूसरा स्थान हासिल कर परिवार और जिले का नाम रोशन किया है। राइस मिल में मजदूरी करने वाले पिता की बेटी ओमनी ने मेहनत और लगन के दम पर यह मुकाम हासिल किया। अब उनका सपना CA बनकर अपने माता-पिता का सपना पूरा करना है।

Modified Date: August 19, 2026 / 04:36 pm IST
Published Date: August 19, 2026 4:33 pm IST
HIGHLIGHTS
  • ओमनी वर्मा ने 12वीं में पूरे छत्तीसगढ़ में दूसरा स्थान हासिल किया
  • राइस मिल में मजदूरी करते हैं पिता, 22 सदस्यों के परिवार में पढ़ाई कर रचा कमाल
  • ओमनी का सपना आगे पढ़ाई कर CA बनना है

बेमेतरा: IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026 :  यदि एक आदमी शिक्षित होता है तो केवल एक व्यक्ति शिक्षित होता है, लेकिन जब एक बेटी शिक्षित होती है तो पूरी पीढ़ी शिक्षित होती है। कुछ इन्हीं भावों और विचारों के साथ मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का नंबर वन न्यूज चैनल IBC24 हर वर्ष बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ठ अंक अर्जित करने वाली बेटियों को हर साल स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप प्रदान करता है। स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप (Swarn Sharada Scholarship) केवल एक स्कॉलरशिप ही नहीं हैं, बल्कि यह उन बेटियों के भविष्य के लिए अंशदान है, जो समाज और अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा बने हैं। इस बार भी छत्तीसगढ़ में 12वीं की बोर्ड परीक्षा में स्टेट टॉपर बेटी को 1 लाख रुपए, उनके स्कूल को 1 लाख रुपए और जिले में प्रथम आने वाली बेटियों को 50-50 हजार रुपए प्रदान किए गए। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में एक मजदूर की बेटी ने अपनी मेहनत से इतिहास रचा। हौसलों की मिसाल पेश करते हुए ओमनी वर्मा ने 12वीं सीजी बोर्ड परीक्षा में पूरे प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। बेमेतरा की रहने वाली ओमनी वर्मा ने यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित होते ही उनके घर में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। परिवार, रिश्तेदार और पड़ोसी सभी इस सफलता का जश्न मनाए।

हिंदी माध्यम स्कूल की छात्रा रही हैं ओमनी

ओमनी वर्मा बेमेतरा के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम स्कूल की छात्रा रही हैं। उन्होंने कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगन के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। ओमनी ने कहा, “मुझे बहुत खुशी हो रही है। मैंने रोजाना नियमित पढ़ाई की और अपने शिक्षकों और माता-पिता के मार्गदर्शन का पालन किया। मेरा सपना है कि मैं आगे पढ़ाई करके अपने पिता के सपनों को पूरा कर सकूं।”

राइस मिल में मजदूरी करते है पिता

ओमनी की सफलता के पीछे उनके पिता का संघर्ष भी एक बड़ी कहानी है। उनके पिता एक राइस मिल में मजदूरी करते हैं और दिन-रात मेहनत कर अपनी बेटी की पढ़ाई का खर्च उठाते हैं। साथ ही लगभग 4 एकड़ खेती की जमीन है, जिसमें वह खुद, पति-पत्नी सहित परिवार के अन्य सदस्यों के द्वारा खेती में काम करते हैं, जिसमें धान की फसल लेते हैं। एक छोटे किसान और राइस मिल में काम कर परिवार का जीवन-यापन कर रहे हैं।

मां और भाई-बहू सहित पूरे परिवार में 22 लोग

बुजुर्ग मां और भाई-बहू सहित पूरे परिवार में 22 लोग हैं। साथ ही अपने खुद के परिवार में पत्नी उत्तरा वर्मा सहित 6 बेटियां और एक बेटा है, जिसमें 5वें नंबर की बेटी ओमनी वर्मा हैं। उन्होंने कभी अपने सभी बच्चों की शिक्षा में कमी नहीं आने दी।

बेमेतरा जिले को गौरवान्वित किया

ओमनी की इस उपलब्धि ने न सिर्फ उनके परिवार और पूरे छत्तीसगढ़, बल्कि बेमेतरा जिले को गौरवान्वित किया है। ओमनी एक मिडिल क्लास परिवार से आती हैं, जो अपने पिता का सपना पूरा करने का प्रण कर चुकी हैं।आगे की पढ़ाई के बारे में उन्होंने कहा कि वह सीए बनना चाहती हैं। ग्रेजुएशन के बाद उच्च शिक्षा के लिए अन्य शहर में जाकर पढ़ाई करेंगी और अपने माता-पिता का सपना पूरा करेंगी। ओमनी ने कहा कि वह इस लक्ष्य को अन्य सभी बच्चों में भी देखना चाहती हैं और उनका संदेश है कि हर छात्र-छात्रा अपना लक्ष्य रखकर पढ़ाई करे, तो कामयाबी बिल्कुल मिलेगी।

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लेखक के बारे में

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