Smartphone Screen Protector: स्मार्टफोन यूजर्स सावधान! स्क्रीन प्रोटेक्टर खरीदने से पहले जान लें सरकार का ये नया नियम, वरना अनदेखी पड़ सकती है भारी

Smartphone Screen Protector: भारत सरकार स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर को लेकर नए नियम तैयार कर रही है। अब BIS इनके लिए नए गुणवत्ता मानक बनाएगा। स्क्रीन प्रोटेक्टर मोबाइल को टूटने और खरोच से बचाने में मदद करता है। तो आइए जानते है कि नए मानकों का असर स्मार्टफोन यूजर्स पर कितना पड़ेगा?

Smartphone Screen Protector: स्मार्टफोन यूजर्स सावधान! स्क्रीन प्रोटेक्टर खरीदने से पहले जान लें सरकार का ये नया नियम, वरना अनदेखी पड़ सकती है भारी

(Smartphone Screen Protector/ Image Credit: Pexels)

Modified Date: September 22, 2026 / 02:12 pm IST
Published Date: September 22, 2026 2:12 pm IST
HIGHLIGHTS
  • 1 अप्रैल 2027 से लागू होगा नया नियम
  • स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए BIS सर्टिफिकेशन जरूरी
  • IS 19348:2025 मानक का करना होगा पालन

नई दिल्ली: Smartphone Screen Protector: भारत में मोबाइल फोन के स्क्रीन प्रोटेक्टर को लेकर नया नियम लागू होने जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने स्क्रीन प्रोटेक्टर को उन उत्पादों की सूची में शामिल किया है जिनके लिए भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का सर्टिफिकेशन जरूरी होगा। यह नया नियम 1 अप्रैल 2027 से प्रभावी होगा। इसके बाद भारत में बिकने वाले मोबाइल स्क्रीन प्रोटेक्टर (Smartphone Screen Protector) को निर्धारित भारतीय मानक IS 19348:2025 के मुताबिक तैयार करना होगा। BIS का मंजूरी के बिना ऐसे प्रोडक्ट को बाजार में बेचना कानूनी रूप से संभव नहीं होगा।

किन कंपनियों पर होगा सीधा असर?

इस फैसले का सबसे ज्यादा असर स्क्रीन प्रोटेक्टर बनाने वाली कंपनियों, ब्रांड्स और भारत में इन्हें इंपोर्ट करने वाले कारोबारियों पर पड़ेगा। कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके उत्पाद तय गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं। भारत में बड़ी संख्या में स्क्रीन प्रोटेक्टर स्थानीय स्तर पर बनाए जाते हैं, जबकि कई कंपनियां चीन और दूसरे देशों से इन्हें आयात करती हैं। नए नियम लागू होने के बाद घरेलू निर्माताओं और आयातकों दोनों को BIS की निर्धारित प्रक्रिया (Smartphone BIS Screen Protector) का पालन करना होगा।

प्रोडक्ट की क्वालिटी पर रहेगा फोकस

नए भारतीय मानक के तहत स्क्रीन प्रोटेक्टर की गुणवत्ता और मजबूती से जुड़े कई पहलुओं पर ध्यान दिया जाएगा। इनमें प्रोटेक्टर की मोटाई, आकार और डाइमेंशन के साथ-साथ इस्तेमाल होने वाले ग्लास की क्वालिटी भी शामिल है। इसके अलावा एंटी-शैटर फिल्म, ओलेओफोबिक कोटिंग, एंटी-ग्लेयर फीचर और ब्लू-लाइट फिल्टर जैसे फीचर्स के लिए भी तय आवश्यकताएं हो सकती हैं। निर्माताओं को इन मानकों के अनुसार टेस्टिंग और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी।

यूजर्स की जेब पर पड़ सकता है असर

नए नियमों का सीधा असर मोबाइल यूजर्स पर भी देखने को मिल सकता है। तय गुणवत्ता मानकों (Smartphone Screen Protector) को पूरा करने के कारण बाजार में उपलब्ध स्क्रीन प्रोटेक्टर की कीमतों में बदलाव संभव है। बेहतर क्वालिटी और जरूरी टेस्टिंग की वजह से कुछ प्रोडक्ट पहले की तुलना में महंगे हो सकते हैं। वहीं, नए नियम लागू होने के बाद बाजार में उपलब्ध प्रोडक्ट्स की गुणवत्ता को लेकर ग्राहकों को ज्यादा भरोसा होगा।

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लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।