Work From Home: अब हफ्ते में सिर्फ इतने दिन ही ऑफिस से काम करेंगे कर्मचारी, राज्य सरकार ने लिया बड़ा फैसला, जानिए क्या है कारण?

Work From Home: अब हफ्ते में सिर्फ इतने दिन ही ऑफिस से काम करेंगे कर्मचारी, राज्य सरकार ने लिया बड़ा फैसला, जानिए क्या है कारण?

Work From Home: अब हफ्ते में सिर्फ इतने दिन ही ऑफिस से काम करेंगे कर्मचारी, राज्य सरकार ने लिया बड़ा फैसला, जानिए क्या है कारण?

Work From Home/Image Credit: AI Generated

Modified Date: May 19, 2026 / 08:54 am IST
Published Date: May 19, 2026 8:14 am IST
HIGHLIGHTS
  • सरकार ने हफ्ते में दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करने का फैसला लिया
  • ईंधन बचत अभियान के तहत सरकारी दफ्तर अलग-अलग शिफ्ट में खुलेंगे
  • CM योगी ने सरकारी वाहनों में कटौती और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने के निर्देश दिए

UP Work From Home: पीएम नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत की अपील का असर अब पूरे देश में देखा जा रहा है। कई राज्यों में सीएम और मंत्रियों ने अपने काफिले की वाहनों में कटौती कर दी है। इस बीच अब उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (CM Yogi fuel saving plan) ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने वर्क फ्रॉम होम लागू कर दिया है। यहां के सरकारी दफ्तरों के कर्मचारी अब हफ्ते में दो दिन घर से ही काम करेंगे।

हफ्ते में दो दिन वर्क फ्रॉम होम

दरअससल, उत्तर प्रदेश के श्रम विभाग (UP Work From Home) ने रविवार को अहम बैठक की। बैठक में श्रम विभाग ने हफ्ते में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही अलग-अलग शिफ्ट में दफ्तर खोलने का फैसला भी लिया गया है। इस बैठक में हफ्ते में दो दिन वर्क फ्रॉम होम का फैसला प्रदेश के बड़े संस्थानों में लागू होगा। यह फैसला औद्योगिक इकाइयों में भी लागू होगा।

 

 

इस संबंध में श्रम विभाग (UP Work From Home) ने गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत, अलग-अलग शिफ्ट में ऑफिस खोलने पर जोर दिया गया है। साथ ही पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।

ईंधन की बचत के लिए CM योगी ने दिए निर्देश

दरअसल, प्रदेश में बढ़ती लागत और गैस की कमी के चलते कई उद्योगों पर संकट गहराने लगा है। जिसको लेकर उत्तर प्रदेश सरकार (UP Work From Home)  ने पिछले हफ्ते कैबिनेट बैठक में ईंधन बचतअभियान के तहत कई निर्देश हैं। इनमें सरकारी वाहनों के बेड़े में 50 प्रतिशत की कमी, मंत्रियों और नौकरशाहों द्वारा सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग, वर्चुअल मीटिंग्स को बढ़ावा, कारपूलिंग, साइकिलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन शामिल है।

 

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सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

जागेश साहू- 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.