पीरियड्स की सटीक जानकारी के लिये ‘पीरियड-ट्रैकिंग’ ऐप, जानें कितना किया जा सकता है भरोसा?
‘period-tracking’ app for accurate information about the menstrual cycle: इस लेख में यह बताया गया है कि ‘पीरियड-ट्रैकिंग’ ऐप आपके मासिक धर्म चक्र के बारे में क्या बता सकते हैं …

(टेसा कॉप, सिडनी यूनिवर्सिटी और एम्मेली फोर्ड, न्यूकैसल यूनिवर्सिटी )
सिडनी, 'period-tracking' app for accurate information about the menstrual cycle एक अक्टूबर (द कन्वरसेशन) अब पांच करोड़ लोगों के पास उनके निजी उपकरण में मासिक धर्म चक्र का रिकार्ड है, लेकिन मासिक धर्म और प्रजनन क्षमता के बारे में भरोसेमंद और सटीक जानकारी के लिए हमें ‘पीरियड ट्रैकर’ पर कितना भरोसा करना चाहिए?
कुछ ऐप पर आप मुफ्त में यह जानकारी हासिल कर सकते हैं, लेकिन कुछ ऐप के लिए आपको पैसे देने पड़ते हैं। ये सभी ऐप ‘फेमटेक’ नामक तेज़ी से बढ़ते एक उद्योग का हिस्सा हैं। लेकिन ऐप की सटीकता और गुणवत्ता के बारे में मौजूद सबूतों से पता चलता है कि ये ऐप हमेशा हमारे शरीर को बेहतर ढंग से समझने में हमारी मदद नहीं करते हैं।
इस लेख में यह बताया गया है कि ‘पीरियड-ट्रैकिंग’ ऐप आपके मासिक धर्म चक्र के बारे में क्या बता सकते हैं और क्या नहीं बता सकते।
‘पीरियड ट्रैकर्स’ कैसे काम करते हैं?
पीरियड ट्रैकर्स उपयोगकर्ताओं से ढेर सारी व्यक्तिगत जानकारी मांगते हैं, जिसमें पीरियड की तारीख, यौन गतिविधि, मूड, लक्षण (जैसे सूजन या ऐंठन) और ऊर्जा का स्तर शामिल है। स्वयं साझा की गई इस जानकारी के आधार पर ऐप पूर्वानुमान लगाने के लिए ‘एल्गोरिदम’ का उपयोग करते हैं।
इसके बाद ये बताते हैं कि आपका मासिक धर्म कब आएगा, यह कितने समय तक चलेगा, आप किस दिन अण्डोत्सर्ग (आव्युलेट) करेंगी और प्रजनन अवधि (फर्टाइल विंडो) कब है। यह आमतौर पर प्रति चक्र लगभग 3-7 दिन होती है, जब गर्भधारण की संभावना अधिक होती है।
कुछ ऐप अपना पूर्वानुमान लगाने के लिए पूरी तरह से मासिक धर्म चक्र के दिनों पर निर्भर करते हैं (जिन्हें कैलेंडर-आधारित ऐप्स के रूप में जाना जाता है)।
‘पीरियड ट्रैकर्स’ के अन्य ऐप में बायोमेट्रिक डाटा का भी इस्तेमाल किया जाता है जिसमें शरीर का दैनिक तापमान, गर्भाशय ग्रीवा बलगम (सर्वाइकल म्यूकस कंसिस्टेंसी) या मूत्र में हार्मोन स्तर का उपयोग किया जाता है। ये शारीरिक परिवर्तन सीधे तौर पर अण्डोत्सर्ग से संबंधित होते हैं और इसलिए अण्डोत्सर्ग संबंधी पूर्वानुमान की सटीकता को बढ़ा सकते हैं।
कई ऐप ऐसे भी हैं, जो इस डाटा को अपने एल्गोरिदम में शामिल नहीं करते हैं, भले ही वे इसे रिकॉर्ड करते हैं। कई ऐप ऐसे भी हैं, जिनमें यह नहीं बताया जाता है कि वे किस आधार पर और कैसे पूर्वानुमान तैयार करते हैं और क्या वे अधिकांश उपयोगकर्ताओं के लिए लागू होते हैं।
28-दिवसीय चक्र मानदंड को चुनौती देना
किताबों में मासिक धर्म चक्र को 28 दिनों का माना गया है, जिसमें अण्डोत्सर्ग 14वें दिन या अगले मासिक धर्म से 14 दिन पहले होता है। अंडाशय से अंडों का निकलना अंडोत्सर्ग कहलाता है।
वर्ष 1960 के दशक से किए गए शोध से पता चला है कि मासिक धर्म चक्र की अवधि अलग-अलग व्यक्तियों और चक्र दर चक्र अलग-अलग हो सकती है। हाल ही में पीरियड ट्रैकिंग ऐप द्वारा साझा किए गए आंकड़ों से पता चलता है कि ये कितना अलग-अलग हो सकता है।
इन अध्ययनों से पता चला है कि केवल 13 से 16 प्रतिशत महिलाओं का मासिक धर्म चक्र 28 दिन का होता है और केवल 13 फीसदी महिलाओं में 14वें दिन अण्डोत्सर्ग होता है। महीने दर महीने में भी इसमें काफी भिन्नता होती है। उदाहरण के लिए एक अध्ययन से पता चला है कि आधे से ज़्यादा महिलाओं में मासिक धर्म की अवधि पांच या उससे ज्यादा दिन तक अलग-अलग होती है।
ऐसे में यह निष्कर्ष ‘सामान्य’ मासिक धर्म चक्र की हमारी परिभाषा पर सवाल उठाते हैं। इसके बावजूद कई कैलेंडर-आधारित ऐप अभी भी अनुमानित मासिक धर्म शुरू होने की तारीख से 14 दिन पहले अण्डोत्सर्ग का अनुमान जताते हैं, जिससे पता चलता है कि ये अधिकांश महिलाओं के लिए गलत होता है।
क्या मुझे गर्भधारण रोकने के लिए ऐप के अनुमानों पर भरोसा करना चाहिए?
कुछ लोग ‘फर्टिलिटी’ (प्रजनन क्षमता) की योजना बनाने के लिए पीरियड ऐप के अनुमानों का उपयोग करते हैं। वे या तो गर्भधारण की संभावना बढ़ाने के लिए या गर्भनिरोधक के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं।
हालांकि, गर्भावस्था को रोकने के लिए ऐप की क्षमता की जाँच करने वाले डेटा सीमित हैं, मौजूदा अध्ययनों में 7.2-8.3 फीसदी की विफलता दर पाई गई है। अनचाहे गर्भधारण की यह दर सामान्य उपयोग के साथ कंडोम के समान है।
अध्ययनों में अक्सर उन प्रतिभागियों को शामिल नहीं किया जाता, जिनकी मासिक चक्र अवधि में तीन से सात दिनों का अंतर होता है। इसका मतलब यह है कि गर्भावस्था को रोकने के लिए उनकी प्रभावशीलता उन लोगों के लिए कम निश्चित है, जिनके मासिक चक्र में बदलाव होता रहता है।
इन निष्कर्षों की विश्वसनीयता इस बात पर भी निर्भर करती है कि उपयोगकर्ता कितनी निरंतरता से अपना डाटा दर्ज करते हैं, जिसे सत्यापित करना कठिन है।
'period-tracking' app for accurate information about the menstrual cycle
क्या ‘पीरियड ट्रैकर्स’ महिलाओं को अपने शरीर के बारे में जानने में मदद करते हैं?
जैसा कि हमारे शोध से पता चला है ऐसे ऐप अक्सर, उपयोगकर्ताओं को सशक्त बनाने, आत्म-ज्ञान और नियंत्रण बढ़ाने के रूप में खुद को पेश करते हैं। कई ऐप महिलाओं के स्वास्थ्य में हो रही कमी को पूरा करने का भी दावा करते हैं।
लेकिन हाल ही में हुए एक अध्ययन में पाया गया कि जो लोग पीरियड-ट्रैकिंग ऐप का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें अपने मासिक धर्म चक्र के बारे में बुनियादी जानकारी होने की संभावना उन लोगों की तुलना में ज़्यादा नहीं है, जो इसका इस्तेमाल नहीं करते हैं। एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि ऐप ज्ञान में सुधार करते हैं, लेकिन केवल थोड़ा सा।
अगर ऐप का अनुमान गलत निकलता है तो उपयोगकर्ता ऐप की सटीकता के बजाय अपने शरीर पर संदेह कर सकते हैं। महिलाओं ने बताया है कि जब ऐप के अनुमान से तारीख मेल नहीं खाती हैं, तो वे तनाव और चिंतित महसूस करती हैं। इन ऐप पर जानकारी की गुणवत्ता भी बदलती रहती है।
तो क्या मुझे अपने मासिक चक्र पर नजर रखने के लिए पीरियड ट्रैकर का उपयोग करना चाहिए?
पीरियड ट्रैकर्स एक लाभदायक उद्योग है, जो वैश्विक स्तर पर व्यक्तिगत जानकारी एकत्र करता है। इन ऐप के पीछे की कंपनियां चिकित्सा से संबंधित कानून से बंधी नहीं हैं, बल्कि उन्हें उपलब्ध कराने वाले वाले ऐप स्टोर के नियमों से बंधी हैं।
बशर्ते आप मासिक धर्म चक्र की तारीखें सही ढंग से दर्ज करें, तो ऐप आपके मासिक धर्म चक्र का तुरंत रिकॉर्ड दे सकते हैं। यह कई कारणों से बहुत उपयोगी हो सकता है। जैसे कि डॉक्टर से अपने मासिक धर्म के बारे में चर्चा करना, गर्भवती होने पर अपनी नियत तिथि का अनुमान लगाना या मासिक धर्म के बंद हो जाने पर मदद करना।
(द कन्वरसेशन)
read more: सरकार ने एमपीसी का पुनर्गठन किया, राम सिंह, सौगत भट्टाचार्य, नागेश कुमार बाहरी सदस्य नियुक्त
लेखक के बारे में
डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगोष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com
और भी पढ़ें...Web Title: How much can you rely on a 'period-tracking' app for accurate information about the menstrual cycle?
लाइफस्टाइल
और भी पढ़ें ›
Today Live Breaking and Updates: इजराइल जा रही फ्लाइट क्रैश कराने की कोशिश, पायलट को चाकू मारा, 17 हजार फीट नीचे आया विमान
01 Oct 2026 | 1:03 amट्रंप ने इराक से अमेरिकी सेना की वापसी की सराहना की
30 Sept 2026 | 11:59 pmअमेरिका संचालित वायुसैनिक अड्डे पर सुरक्षा संबंधी घटना में ईरान की भूमिका के संकेत : ब्रिटेन
30 Sept 2026 | 10:59 pmभारत के एससीओ समन्वयक ने इस्लामाबाद बैठक में क्षेत्रीय संपर्क, व्यापार, पारगमन को दी प्रमुखता
30 Sept 2026 | 10:30 pmभारतीय कैप्टन ने टाली बड़ी त्रासदी, विमान को गिराने की कोशिश कर रहे सह-पायलट से भिड़ा : मीडिया
30 Sept 2026 | 9:53 pmचीन ने लाओस में वायुसेना सहायता एवं प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया
30 Sept 2026 | 9:49 pmनेपाल के हिमलुंग हिमाल हिमस्खलन में मृतकों की संख्या बढ़कर सात हुई
30 Sept 2026 | 9:42 pmखबर इजराइल विमान
30 Sept 2026 | 9:31 pm