पुरस्कारों से लोग जिंदा नहीं रहते, जिंदा रहने के लिए साफ पानी चाहिए : कांग्रेस

पुरस्कारों से लोग जिंदा नहीं रहते, जिंदा रहने के लिए साफ पानी चाहिए : कांग्रेस

पुरस्कारों से लोग जिंदा नहीं रहते, जिंदा रहने के लिए साफ पानी चाहिए : कांग्रेस
Modified Date: January 8, 2026 / 06:41 pm IST
Published Date: January 8, 2026 6:41 pm IST

भोपाल, आठ जनवरी (भाषा) मध्यप्रदेश की वाणिज्यिक राजधानी इंदौर में दूषित जल के कारण हुई मौतों को लेकर प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पुरस्कारों से लोग जिंदा नहीं रहते बल्कि जिंदा रहने के लिए साफ पानी चाहिए।

राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने यह भी सवाल किया कि शहर में नलों से ‘जहर’ निकल रहा है, ऐसे में इंदौर ने लगातार आठ बार सबसे स्वच्छ शहर का पुरस्कार कैसे जीता?

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ‘फर्जी दस्तावेजों’ के आधार पर स्वच्छता पुरस्कार हासिल किए हैं।

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इस आलोचना को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस पर ‘लाशों पर राजनीति’ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने दूषित जल का मामला सामने आने के तुरंत बाद कार्रवाई की।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिंघार ने इंदौर के कई इलाकों का दौरा करने और मौके पर पानी की गुणवत्ता की जांच करने के बाद यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार के ‘स्वच्छता’ और ‘विकसित भारत’ के दावे जमीनी हकीकत में पूरी तरह विफल साबित हुए हैं क्योंकि वहां के नलों में ‘जहर’ बह रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘इंदौर को आठ बार देश के सबसे स्वच्छ शहर का पुरस्कार मिला और वह पहले नंबर पर आया। अगर लोग सीवेज का पानी पीने को मजबूर हैं तो स्वच्छता रैंकिंग का कोई अर्थ नहीं। कहीं न कहीं कुछ गड़बड़ है… कागजों की गड़बड़ है। इंदौर के अंदर जो स्थिति है… आठ बार इनाम कैसे मिला? इनाम इन्होंने कैसे फर्जी दस्तावेज लगाकर लिए, यह सरकारी अधिकारी जानते हैं।’’

सिंघार ने सवाल उठाया कि क्या यही देश का सबसे साफ शहर है, जिसके नगर निगम का बजट 8,000 करोड़ रुपये से अधिक है और जो प्रदेश में सबसे ज़्यादा है।

उन्होंने कहा, ‘‘फिर भी नागरिकों को पीने का साफ पानी नहीं मिल पा रहा है।’’

नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘स्वच्छता के पुरस्कारों से लोग जिंदा नहीं रहते बल्कि जिंदा रहने के लिए साफ पानी चाहिए और राज्य सरकार इसमें विफल रही है।’’

इंदौर प्रशासन ने शहर में दूषित पानी पीने से अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि की है जबकि स्थानीय लोगों ने दूषित पानी पीने से छह माह के बच्चे समेत 17 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया है। हालांकि, महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने दो जनवरी को कहा था कि उन्हें घटना में 10 लोगों की मौत की जानकारी मिली है। इन सब दावों के बीच सरकार ने मंगलवार को 18 पीड़ित परिवारों के बीच मुआवजे का वितरण कर दिया।

सिंघार ने भागीरथपुरा से पांच से 18 किलोमीटर की दूरी पर बसे मदीना नगर, खजराना, भूरी टेकरी, बर्फानी धाम, कृष्णा बाग और कनाडिया इलाकों का दौरा किया और दावा किया कि इंदौर में नल का पानी ‘जहर’ बन चुका है।

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘मैंने इन इलाकों के पानी की गुणवत्ता की जांच की और इसका निष्कर्ष यह है कि भाजपा सरकार के स्वच्छता और विकसित भारत के दावे जमीनी हकीकत में पूरी तरह विफल साबित हुए हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘भागीरथपुरा से लेकर इंदौर के कई अन्य इलाकों में नलों से दूषित, बदबूदार और सीवेज मिला पानी आ रहा है जो इस बात का प्रमाण है कि यह केवल एक इलाके की समस्या नहीं, बल्कि पूरे शहरी प्रशासन की प्रणालीगत विफलता है।’’

कांग्रेस नेता ने सरकार पर सच्चाई को दबाने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि इंदौर में दूषित पानी से अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है।

नेता प्रतिपक्ष ने पूरे प्रदेश में जल की गुणवत्ता की जांच कराए जाने की मांग की और सभी जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों से अपील की कि वे भी अपने-अपने क्षेत्र में यह काम करें ताकि सच्चाई सामने आ सके और लोगों को मरने से बचाया जा सके।

उन्होंने इस मामले में आपराधिक प्रकरण दर्ज करने, दोषियों पर तत्काल कार्रवाई किए जाने और इंदौर के महापौर के इस्तीफे की मांग की।

कांग्रेस के इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश भाजपा प्रवक्ता नेहा बग्गा ने कांग्रेस पर पानी के दूषित होने से हुई मौतों का जिक्र करते हुए ‘लाशों पर राजनीति’ करने का आरोप लगाया।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा, ‘‘अगर कांग्रेस के पास कोई ठोस सुझाव हैं तो उसे इस तरह की गंदी राजनीति करने के बजाय सरकार को देना चाहिए।’’

बग्गा ने कहा कि जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी लंबे समय तक इंदौर (राऊ सीट) से विधायक रहे, तो उन्होंने कभी भी पानी की गुणवत्ता पर कोई सवाल नहीं उठाया।

भाजपा नेता ने कहा, ‘‘भाजपा सरकार ने तत्काल कार्रवाई की और वह घटना से जुड़ी खामियों को दूर करने के लिए लगातार काम कर रही है।’’

भाषा

ब्रजेन्द्र

रवि कांत


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