भोजशाला विवाद : संघ नेता ने कहा, ‘‘सभी तथ्य सामने आ गए हैं, अदालत का हर निर्णय स्वीकार करेंगे’’

भोजशाला विवाद : संघ नेता ने कहा, ‘‘सभी तथ्य सामने आ गए हैं, अदालत का हर निर्णय स्वीकार करेंगे’’

भोजशाला विवाद : संघ नेता ने कहा, ‘‘सभी तथ्य सामने आ गए हैं, अदालत का हर निर्णय स्वीकार करेंगे’’
Modified Date: March 17, 2026 / 05:22 pm IST
Published Date: March 17, 2026 5:22 pm IST

इंदौर, 17 मार्च (भाषा) धार के भोजशाला मंदिर-कमाल मौला मस्जिद परिसर के धार्मिक स्वरूप को लेकर जारी कानूनी विवाद पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक वरिष्ठ नेता ने मंगलवार को कहा कि इस मामले से जुड़े सभी तथ्य मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के सामने आ चुके हैं और वह अदालत का हर निर्णय स्वीकार करेंगे।

संघ के मालवा प्रांत (इंदौर-उज्जैन संभाग) के प्रमुख प्रकाश शास्त्री ने इंदौर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने इस मामले (भोजशाला विवाद) में अलग से कोई दृष्टिकोण नहीं रखा है और सभी तथ्य अदालत के सामने आ गए हैं।’

उन्होंने कहा कि भोजशाला विवाद का मामला अभी उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए इसके बारे में टिप्पणी करना ठीक नहीं है। शास्त्री ने कहा, ‘इस मामले में अदालत का जो भी निर्णय आएगा, हम उसे स्वीकार करेंगे।’’

उन्होंने यह बात उस सवाल पर कही जिसमें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की सर्वेक्षण रिपोर्ट का हवाला देते हुए पूछा गया था कि क्या भोजशाला का ऐतिहासिक विवाद अपने समाधान की ओर बढ़ रहा है?

एएसआई की 2,000 से ज्यादा पन्नों की रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि भोजशाला परिसर में धार के परमार राजाओं के शासनकाल की एक विशाल संरचना मस्जिद के मुकाबले पहले से विद्यमान थी और वहां वर्तमान में मौजूद एक विवादित ढांचा प्राचीन मंदिरों के हिस्सों का फिर से इस्तेमाल करते हुए बनाया गया था।

भोजशाला को हिंदू समुदाय वाग्देवी (देवी सरस्वती) का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष संभवतः 11वीं सदी के इस स्मारक को मस्जिद बताता रहा है।

महेश्वर से ताल्लुक रखने वाली अभिनेत्री मोनालिसा भोंसले की शादी को कथित ‘लव जिहाद’ से जोड़े जाने को लेकर खड़े हुए विवाद पर संघ नेता शास्त्री ने इस अंतरधार्मिक विवाह का सीधा जिक्र किए बगैर कहा कि ‘लव जिहाद’ की घटनाएं ‘संस्कारों के अभाव’ के कारण सामने आती हैं और यह पूरे देश के लिए चिंतनीय विषय है।

शास्त्री ने कहा कि अगर परिवारों में लोगों को अपने धर्म के बारे में जागरूक करके उचित संस्कार दिए जाएं, तो ऐसी घटनाएं कम हो जाएंगी।

मोनालिसा ने पिछले साल प्रयागराज कुंभ मेले के दौरान अपनी तस्वीरों से सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि हासिल करने के बाद अभिनय की दुनिया में कदम रखा है। मोनालिसा की फरमान खान नामक व्यक्ति के साथ केरल में हिंदू रीति-रिवाजों से हुई शादी को युवा अभिनेत्री के पिता और उनके करीबी लोगों ने कथित ‘लव जिहाद’ का मामला बताया है।

हालांकि, नव दम्पति ने ‘लव जिहाद’ के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि दोनों ने अपना धर्म नहीं बदला है।

‘लव जिहाद’ शब्द का इस्तेमाल दक्षिणपंथी संगठन यह दावा करने के लिए करते हैं कि मुस्लिम पुरुष अन्य धर्मों की महिलाओं को इस्लाम में धर्मांतरित करने के लिए प्रेम के जाल में फंसाते हैं।

शास्त्री ने यह भी बताया कि इंदौर में अक्टूबर या नवंबर के दौरान संघ के अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक आयोजित की जाएगी जिसमें संगठन के प्रमुख मोहन भागवत समेत करीब 450 प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। उन्होंने बताया, ‘‘यह बैठक इंदौर में पहली बार आयोजित की जा रही है।’’

भाषा हर्ष अमित

अमित


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