भोपाल दहेज हत्या: ट्विशा शर्मा के परिवार ने पारदर्शी जांच, चरित्र हनन के प्रयासों पर रोक की मांग की
भोपाल दहेज हत्या: ट्विशा शर्मा के परिवार ने पारदर्शी जांच, चरित्र हनन के प्रयासों पर रोक की मांग की
भोपाल, 19 मई (भाषा) तैंतीस वर्षीय अभिनेत्री एवं माडल ट्विशा शर्मा के परिवार ने एक भावनात्मक सार्वजनिक अपील जारी कर अपनी बेटी की मौत की पारदर्शी जांच की मांग की है।
परिवार ने साथ ही इस हाई-प्रोफाइल मामले को कमजोर करने के उद्देश्य से किए जा रहे ‘मरणोपरांत चरित्र हनन’ के प्रयासों पर भी तत्काल रोक लगाने की अपील की।
ट्विशा 12 मई की रात को यहां कटारा हिल्स इलाके में अपने ससुराल में मृत पाई गई थी, जिसके बाद पुलिस ने उसके पति वकील समर्थ सिंह और उसकी सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज हत्या और उत्पीड़न के आरोपों से संबंधित एक प्राथमिकी दर्ज की। ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं।
परिवार ने यहां तीन पन्नों का एक बयान जारी कर जांच को लेकर गहरा दर्द और गंभीर आशंकाएं व्यक्त कीं।
परिवार ने स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक प्रतिष्ठानों और प्रमुख महिला अधिकार समूहों से सार्थक समर्थन की कमी का हवाला देते हुए कहा कि वे ‘भोपाल की सड़कों पर लगभग पूरी तरह से अकेले’ इस कानूनी लड़ाई को लड़ रहे हैं।
ट्विशा की कथित मानसिक अस्थिरता, अवसाद या नशे की लत के बारे में सार्वजनिक रूप से हो रहे विमर्शों से परेशान पीड़ित परिवार ने कहा कि वे इसे मृतक की प्रतिष्ठा और गरिमा को कथित रूप से लक्षित करके वास्तविक जांच से ध्यान हटाने के एक व्यवस्थित प्रयास के रूप में देखते हैं।
उन्होंने कहा कि ट्विशा पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, उनका बचाव करने के लिए वह जीवित नहीं है।
ट्विशा की स्मृति की रक्षा के लिए संवैधानिक सुरक्षा का आह्वान करते हुए, परिवार ने कहा कि ‘भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के भारतीय संवैधानिक न्यायशास्त्र के तहत, यहां तक कि एक मृत व्यक्ति की गरिमा भी रक्षा की हकदार है।
उन्होंने मांग की कि बचाव पक्ष द्वारा पेश किए गए किसी भी चिकित्सा या मनोरोग के दावों को चुनिंदा मीडिया लीक या अफवाहों के बजाय कानूनी रूप से स्वीकार्य रिकॉर्ड और कठोर विशेषज्ञ जांच के माध्यम से स्वतंत्र रूप से सत्यापित किया जाना चाहिए।
परिवार का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भोपाल सत्र अदालत ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। मध्यप्रदेश पुलिस ने भी उसकी गिरफ्तारी के लिए 10,000 रुपये के इनाम की घोषणा की।
परिवार ने भोपाल की अदालत परिसर में लगातार चल रही अफवाहों पर गंभीर चिंता व्यक्त की कहा कि घटना के बाद जमानत पाने वाली ट्विशा की सास, सेवानिवृत्त एडीजे गिरिबाला सिंह, कथित तौर पर स्थानीय न्यायपालिका के भीतर अपने प्रभाव का इस्तेमाल उच्च न्यायिक मंचों पर राहत का मार्ग प्रशस्त करने के लिए कर रही हैं।
सबूतों से छेड़छाड़ की आशंकाओं के बीच, परिवार ने डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों के तत्काल संरक्षण के लिए जांच दल को मांगों की एक सूची सौंपी है, जिसमें एम्स भोपाल के आपातकालीन प्रवेश बिंदुओं से सभी सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित करना भी शामिल है।
उन्होंने अधिकारियों से यह भी अनुरोध किया कि वे आरोपी व्यक्तियों, उनके ड्राइवरों, नौकरों और करीबी परिचितों से संबंधित मूल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), टावर लोकेशन लॉग और मोबाइल टावर डंप डेटा को संरक्षित करें, ताकि किसी भी द्वितीयक या वैकल्पिक संचार उपकरणों का पता लगाया जा सके।
परिवार ने आरोपियों को चुनौती दी कि यदि उनके दावों में सच्चाई है तो वे स्वतंत्र, प्रमुख चिकित्सा संस्थानों के साथ सहयोग करके खुद को निर्दोष साबित करें।
उन्होंने सवाल किया कि वे एम्स दिल्ली में दूसरी स्वतंत्र पोस्टमार्टम कराने से क्यों झिझक रहे हैं और क्यों इस मांग का प्रतिरोध कर रहे हैं।
परिवार ने लोगों और संवैधानिक अधिकारियों से अपील करते हुए कहा, ‘जब एक महिला खुद के लिए बोलने के लिए जीवित नहीं है, तो हर अनुत्तरित सवाल दर्द को गहरा कर देता है।’
उन्होंने लोगों और संवैधानिक अधिकारियों से अपील की कि वे इस मामले को एक अलग घटना के रूप में नहीं मानें, बल्कि इस बात की एक महत्वपूर्ण परीक्षा के रूप में लें कि क्या एक साधारण परिवार शक्तिशाली लोगों के खिलाफ न्याय पा सकता है।
कथित दहेज हत्या की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) वर्तमान में टीवी फुटेज, कॉल लॉग और डिजिटल फुटप्रिंट को स्कैन कर रही है ताकि ट्विशा के फरार पति का पता लगाया जा सके।
भाषा ब्रजेन्द्र राजकुमार
राजकुमार

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