5th-8th Class Exam Pattern: 5वीं-8वीं परीक्षा पैटर्न में बदलाव, अब फिर से बोर्ड परीक्षा के पैटर्न पर होगा एग्जाम, निर्देश जारी

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5th-8th Class Exam Pattern: 5वीं-8वीं परीक्षा पैटर्न में बदलाव, अब फिर से बोर्ड परीक्षा के पैटर्न पर होगा एग्जाम, निर्देश जारी

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  • Publish Date - February 5, 2026 / 10:36 AM IST,
    Updated On - February 5, 2026 / 11:06 AM IST

5th-8th Class Exam Pattern: 5वीं-8वीं परीक्षा पैटर्न में बदलाव, अब फिर से बोर्ड परीक्षा के पैटर्न पर होगा एग्जाम, निर्देश जारी / Image: IBC24 Customized

HIGHLIGHTS
  • 5वीं और 8वीं की परीक्षा अब बोर्ड पैटर्न पर होगी
  • 20 से 28 फरवरी 2026 तक होगी परीक्षा
  • प्रदेश भर में 12,920 केंद्र बनाए गए

भोपाल: 5th-8th Class Exam Pattern प्रदेश में शिक्षण सत्र 2025-26 की कक्षा 5वीं-8वीं की परीक्षा बोर्ड पैटर्न पर होगी। परीक्षा 20 फरवरी से शुरू होगी और 28 फरवरी तक चलेगी। परीक्षा के लिए प्रदेश भर में 12 हजार 920 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं। इन परीक्षा केंद्रों पर लगभग 25 लाख विद्यार्थी परीक्षा देंगे। राज्‍य शिक्षा केंद्र ने मंगलवार को इस संबंध में दिशा निर्देश भी जारी कर दिए हैं।

5वीं एंव 8वीं के परीक्षा पैटर्न में बदलाव

5th-8th Class Exam Pattern राज्य शिक्षा केन्द्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने बताया कि परीक्षा केन्द्रों पर विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इन परीक्षाओं में शासकीय विद्यालयों के साथ-साथ निजी स्कूलों एवं मदरसों के विद्यार्थी भी शामिल होंगे। इस वर्ष 1 लाख 10 हजार 615 शासकीय, निजी शालाओं एवं मदरसों के लगभग 24 लाख 90 हजार विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। इ‍समें से 522 निजी विद्यालयों के 20 हजार 736 विद्यार्थियों के लिए एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के अनुसार भाषा विषय के पृथक प्रश्न पत्र तैयार किए गए हैं। अन्य विषयों के प्रश्न पत्र राज्य द्वारा निर्धारित पाठ्यपुस्तकों के आधार पर बनाए गए हैं।

पोर्टल के माध्यम से विद्यार्थियों का सत्यापन

परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा एक विशेष पहल की गई है। विशेष आईटी पोर्टल विकसित किया गया है। इस पोर्टल से विद्यार्थियों का सत्यापन, परीक्षा केन्द्रों का निर्धारण, केन्द्राध्यक्षों की मैपिंग, सामग्री वितरण, रोल नंबर एवं प्रवेश पत्र जारी करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही उपस्थिति दर्ज करने, मूल्यांकन कार्य एवं अंकसूची जारी करने की व्यवस्था भी इसी पोर्टल से की जाएगी।

पात्र विद्यार्थी को मिलेगा परीक्षा देने का अवसर

संचालक हरजिंदर सिंह ने बताया कि प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को परीक्षा में सम्मिलित होने का अवसर प्रदान किया जाएगा। कोई विद्यार्थी यदि किसी कारणवश परीक्षा तिथि तक पंजीकृत नहीं हो पाया है, तो उसे भी परीक्षा में शामिल करने के निर्देश केन्द्राध्यक्षों को दिए गए हैं। ऐसे विद्यार्थियों की तकनीकी जानकारी परीक्षा उपरांत दर्ज की जाएगी। परीक्षा में 86 हजार 109 शासकीय शालाओं, 23 हजार 980 अशासकीय शालाओं एवं 525 मदरसों के विद्यार्थी भाग लेंगे।

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क्या 5वीं और 8वीं की परीक्षा देना अनिवार्य है?

हाँ, प्रदेश में अब यह परीक्षा बोर्ड पैटर्न पर होती है, इसलिए परिणाम के आधार पर ही अगली कक्षा में पदोन्नति (Promotion) दी जाएगी।

अगर मेरा पंजीकरण नहीं हुआ है, तो क्या मैं परीक्षा दे सकता हूँ?

जी हाँ, राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक के अनुसार, केन्द्राध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे छात्रों को परीक्षा में बैठने दिया जाए। उनकी तकनीकी जानकारी परीक्षा के बाद दर्ज की जाएगी।

प्रवेश पत्र (Admit Card) कहाँ से मिलेंगे?

प्रवेश पत्र स्कूल के माध्यम से या विभाग के विशेष आईटी पोर्टल से डाउनलोड किए जा सकेंगे।

एनसीईआरटी (NCERT) का पेपर किन छात्रों को देना होगा?

केवल उन 522 निजी विद्यालयों के छात्रों के लिए एनसीईआरटी आधारित भाषा के पेपर होंगे जिन्होंने इसे चुना है। बाकी सभी के लिए राज्य का पाठ्यक्रम ही लागू होगा।

क्या परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के इंतजाम हैं?

हाँ, 12,920 केंद्रों पर केन्द्राध्यक्षों की मैपिंग और सुरक्षा के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।