BJP on Digvijay Singh Retirement: “दिग्विजय सिंह पहले देश और हिन्दू धर्म से माफ़ी मांगे फिर कोई यात्रा करें”.. जानें पूर्व CM पर किसने लगाए सनातन को आतंकवाद से जोड़ने के आरोप..
BJP Reaction to Digvijaya Singh's Retirement: दिग्विजय सिंह के संन्यास पर भाजपा का हमला, पुराने बयानों पर माफी मांगने की मांग, सनातन पर उठाए सवाल।
BJP Reaction to Digvijaya Singh's Retirement || Image- Indian Express File
- दिग्विजय सिंह के संन्यास पर भाजपा का तीखा हमला।
- अजय धवले ने पुराने बयानों पर माफी मांगी।
- सनातन को लेकर भाजपा ने उठाए कई सवाल।
भोपाल: मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह के संन्यास के फैसले पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। (BJP Reaction to Digvijaya Singh’s Retirement) भाजपा प्रवक्ता अजय धवले ने उनपर कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं।
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“हिंदू धर्म को आतंकवाद से जोड़ा”
अजय धवले ने कहा कि 80 वर्ष की उम्र में दिग्विजय सिंह अब सनातन धर्म की बात कर रहे हैं, जबकि अतीत में उन्होंने हिंदू धर्म को आतंकवाद से जोड़ने वाले बयान दिए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि जब-जब सनातन धर्म का मुद्दा सामने आया, दिग्विजय सिंह उसके विरोध में खड़े दिखाई दिए।
अजय धवले ने कहा कि गांधी परिवार को सनातन धर्म के विरोध में खड़ा करने में भी दिग्विजय सिंह की भूमिका रही है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अब उनका सनातन प्रेम वास्तविक है या इसके पीछे कोई राजनीतिक कारण अथवा अपने बेटे के राजनीतिक भविष्य की चिंता है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यदि दिग्विजय सिंह वास्तव में सनातन धर्म के लिए यात्रा करना चाहते हैं, तो उन्हें पहले देश और हिंदू समाज से अपने पुराने बयानों के लिए माफी मांगनी चाहिए।
किया सियासत से रिटायरमेंट का ऐलान
गौरतलब है कि, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सक्रिय राजनीति से संन्यास का ऐलान कर दिया हैं। (BJP Reaction to Digvijaya Singh’s Retirement) दिग्विजय सिंह के मुताबिक अब उनका ध्यान केवल धर्म और समाज के कार्यों पर रहेगा।
पांच बार विधायक, दो बार लोकसभा सांसद
दिग्विजय सिंह ने कहा कि वह अब 80 वर्ष के हो चुके हैं और लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन में रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह पांच बार विधायक, दो बार लोकसभा सांसद और दो बार राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से भी कहा है कि अब नई पीढ़ी को अवसर दिया जाए।
सार्वजनिक सभाओं में भाषण नहीं
उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब वह सक्रिय राजनीति नहीं करेंगे, सार्वजनिक सभाओं में भाषण नहीं देंगे और सोशल मीडिया पर भी कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में यदि वह कोई यात्रा निकालेंगे, तो उसके लिए किसी को आमंत्रित नहीं करेंगे। दिग्विजय सिंह ने कहा कि अब उनका मकसद केवल धर्म की रक्षा और सामाजिक कार्यों के लिए योगदान देना है।
#WATCH | Delhi: On the Ram Mandir donation embezzlement case, Congress leader Digvijaya Singh says, “I understand religion, including Sanatan Dharma; I understand the BJP, the VHP, and the RSS. My mission now is the protection of Dharma—defending the faith until my last breath.… pic.twitter.com/SlpZcfsO45
— ANI (@ANI) July 7, 2026
बयानों को लेकर अक्सर विवादों में रहें दिग्गी राजा
दिग्विजय सिंह मध्य प्रदेश के सीनियर कांग्रेस लीडर और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में से एक हैं। उनका जन्म 28 फ़रवरी 1947 को मध्य प्रदेश के राघोगढ़ में हुआ। उन्होंने इंदौर स्थित एसजीएसआईटीएस (SGSITS) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की शिक्षा प्राप्त की। (BJP Reaction to Digvijaya Singh’s Retirement) वे 1977 में पहली बार विधायक बने और 1984 में लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए। इसके बाद वर्ष 1993 से 2003 तक लगातार दो कार्यकाल तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। साल 2014 से वे राज्यसभा सदस्य हैं और राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
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वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी और खेलों में भी दिलचस्पी
मध्य प्रदेश की राजनीति में उन्हें लंबे समय से प्रभावशाली नेता माना जाता है और वे अलग-अलग राष्ट्रीय मुद्दों पर अपने बेबाक बयानों के कारण अक्सर चर्चा और विवादों में रहते हैं। हाल के वर्षों में पार्टी से उनकी दूर देखी जाती रही है। दिग्विजय सिंह राजनीति के अलावा उन्हें वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी और खेलों में भी विशेष रुचि रखते है।
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