शह मात The Big Debate: फिर क्यों नाराज कर्मचारी.. असंतोष पड़े न भारी ! तृतीय वर्ग कर्मचारियों ने फिर खोला मोर्चा, मांगों को लेकर सरकार का क्या है रुख?

शह मात The Big Debate: फिर क्यों नाराज कर्मचारी.. असंतोष पड़े न भारी ! तृतीय वर्ग कर्मचारियों ने फिर खोला मोर्चा, मांगों को लेकर सरकार का क्या है रुख?

शह मात The Big Debate: फिर क्यों नाराज कर्मचारी.. असंतोष पड़े न भारी ! तृतीय वर्ग कर्मचारियों ने फिर खोला मोर्चा, मांगों को लेकर सरकार का क्या है रुख?

MP Govt Employee Protest News/Image Source: IBC24


Reported By: Vivek Pataiya,
Modified Date: January 15, 2026 / 11:51 pm IST
Published Date: January 15, 2026 11:48 pm IST
HIGHLIGHTS
  • सतपुड़ा भवन के बाहर गरजे कर्मचारी
  • भोपाल से जिलों तक विरोध की गूंज
  • मुख्य सचिव के नाम सौंपा ज्ञापन

MP Govt Employee Protest: वैसे तो कोई भी सरकार कर्मचारियों को नाराज़ नहीं करना चाहती, लेकिन मध्यप्रदेश में नए साल की शुरुआत के साथ ही कर्मचारियों का आक्रोश सामने आने लगा है। अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकारी कर्मचारी आंदोलन के रास्ते पर उतर आए हैं। राजधानी भोपाल से लेकर जिला मुख्यालयों तक कर्मचारियों ने हल्ला बोला और मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा।  मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारी एक बार फिर आंदोलित हैं। उनका सब्र अब टूट चुका है। यही वजह है कि वर्षों से लंबित 11 सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारी अब आर–पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं।

भोपाल में सतपुड़ा भवन के बाहर तृतीय वर्ग कर्मचारियों के प्रदर्शन में यह साफ दिखाई दिया। सिर्फ राजधानी ही नहीं, बल्कि प्रदेश के हर जिला मुख्यालय में कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों का कहना है कि यह आंदोलन केवल एक दिन का नहीं है, बल्कि यह उनके अधिकारों की लड़ाई की शुरुआत है।

MP Govt Employee Protest:  सरकारी कर्मचारियों का यह आंदोलन और दबाव कितना असर डालेगा, यह तो वक्त बताएगा। लेकिन फिलहाल कर्मचारियों के मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस भी आमने-सामने नजर आ रही हैं और दोनों दल अपने-अपने राजनीतिक हित साधने में जुटे हुए हैं।

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सियासी आरोप-प्रत्यारोप से इतर कर्मचारियों ने दो टूक ऐलान कर दिया है कि यह आंदोलन सिर्फ एक दिन की कहानी नहीं है। अगर जल्द ही उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और तेज होगा और आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। जाहिर है, यदि यह संघर्ष लंबा चलता है तो इसका असर सरकारी कामकाज पर भी पड़ेगा। अब बड़ा सवाल यह है कि सरकार इस आंदोलन को कैसे मैनेज करती है।

देखिए IBC24 की यह स्पेशल रिपोर्ट

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लेखक के बारे में

टिकेश वर्मा- जमीनी पत्रकारिता का भरोसेमंद चेहरा... टिकेश वर्मा यानी अनुभवी और समर्पित पत्रकार.. जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव हैं। राजनीति, जनसरोकार और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से सरकार से सवाल पूछता हूं। पेशेवर पत्रकारिता के अलावा फिल्में देखना, क्रिकेट खेलना और किताबें पढ़ना मुझे बेहद पसंद है। सादा जीवन, उच्च विचार के मानकों पर खरा उतरते हुए अब आपकी बात प्राथिकता के साथ रखेंगे.. क्योंकि सवाल आपका है।