Lady Deputy Jail Superintendent Marry with Prisoner: मुस्लिम महिला डिप्टी जेलर को उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी से हुआ प्यार, समाज और परिवार के खिलाफ जाकर रचाई शादी, लव स्टोरी सुनकर आप भी कहेंगे- ये है सच्ची मोहब्बत
Lady Deputy Jail Superintendent Marry with Prisoner: मुस्लिम महिला डिप्टी जेलर को उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी से हुआ प्यार, समाज और परिवार के खिलाफ जाकर रचाई शादी, लव स्टोरी सुनकर आप भी कहेंगे- ये है सच्ची मोहब्बत
Lady Deputy Jail Superintendent Marry with Prisoner: Couple Fall in Love in Jail
- जेल अधीक्षक फिरोजा खातून ने पूर्व कैदी धर्मेंद्र सिंह से शादी की
- जेल में ड्यूटी के दौरान दोनों के बीच दोस्ती हुई
- धर्मेंद्र सिंह हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट चुका
छतरपुर: Lady Deputy Jail Superintendent Marry with Prisoner कहते हैं ना प्यार की ना कोई उम्र होती और ना कोई सीमा…तो इस कहावत को सच कर दिखाया है केंद्रीय जेल सतना की सहायक जेल अधीक्षक फिरोजा खातून ने। मुस्लिम महिला अधिकारी को फिरोजा खातून की जेल में बंद उम्र कैद की सजा काट रहे धर्मेंद्र से दोस्ती हो गई और दोस्ती कब प्यार में बदला दोनों को खबर ही नहीं लगी। जेल की कालकोठरी में पनपे फिरोजा और धर्मेंद्र के प्यार के बीच लोहे की सख्त सलाखें भी थी, लेकिन इन सब के बीच सरकार ने धर्मेंद्र को अच्छे आचरण के चलते 14 साल की सजा काटने के बाद रिहा कर दिया। वहीं जेल से रिहा होने के बाद फिरोजा और धर्मेंद्र ने शादी कर ली है। दोनों की शादी के चर्चे पूरे इलाके में तेजी से हो रही है।
क्या है पूरा मामला
Lady Deputy Jail Superintendent Marry with Prisoner दरअसल केंद्रीय जेल सतना में सहायक जेल अधीक्षक के पद पर पदस्थ मुस्लिम महिला अधिकारी फिरोजा खातून की मुलाकात ड्यूटी के दौरान धर्मेंद्र से हुई से हुई थी। जेल में महिला अधिकारी वारंट इंचार्ज थी। वहीं, सजा काट रहा धर्मेंद्र में जेल वारंट का काम करता था। इस बीच दोनों के बीच पहले दोस्ती हुई और फिर प्यार परवान चढ़ा। दोनों ने परिवार और समाज की परवाह किए बिना हिंदू रीति-रिवाज से शादी करने का फैसला लिया। शादी पूरी तरह से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुई।

जेल में चर्चा का विषय रही यह शादी
शादी की खबर सामने आते ही केंद्रीय जेल सतना में यह मामला चर्चा का विषय बन गया। कैदी से लेकर अधिकारी तक सभी ने इस जोड़े को बधाई दी मुस्लिम अधिकारी ने ड्यूटी में जितनी ईमानदारी दिखाई है, निजी जीवन में भी उतनी ही हिम्मत दिखाई है। यह सतना के लिए गंगा-जमुनी तहजीब की पहचान है।
नगर परिषद उपाध्यक्ष की हत्या के मामले में सजा हुई थी
गौरतलब है कि चंदला निवासी धर्मेंद्र सिंह ने वर्ष 2007 में नगर परिषद चंदला के उपाध्यक्ष कृष्ण दत्त दीक्षित की हत्या कर शव जमीन पर दफना दिया था। इस चर्चित हत्याकांड के मामले युवक को आजीवन कारावास की सजा हुई थी। करीब 14 साल तक जेल काटने के बाद जेल प्रबंधन ने अच्छे आचरण को देखते हुए जेल से रिहा कर दिया था। जेल से बाहर आने के बाद धर्मेंद्र पिछले 4 साल से एक आम नागरिक की तरह जिंदगी जी रहा है।
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