शह मात The Big Debate: 3 बच्चों की दुहाई..कितनी जरूरी है लड़ाई? क्या देश बचाने के लिए हिंदुओं को 3 बच्चे चाहिए? देखें पूरी रिपोर्ट
MP News: 3 बच्चों की दुहाई..कितनी जरूरी है लड़ाई? क्या देश बचाने के लिए हिंदुओं को 3 बच्चे चाहिए? देखें पूरी रिपोर्ट
MP News | Photo Credit: IBC24 Customize
- एमपी में सरकारी कर्मचारियों के लिए दो बच्चों की सीमा बदलने का प्रस्ताव
- बीजेपी नेताओं ने हिंदुओं को तीन बच्चे करने की सलाह दी
- कांग्रेस ने संघ और बीजेपी पर निशाना साधा
भोपाल: MP News मध्यप्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के लिए 2 बच्चों की लिमिट में बदलाव की अटकलों के बीच अब सूबे में सियासी गर्माहट बढ़ गई है। माना जा रहा है कि – सामान्य प्रशासन विभाग ने विधि विभाग से सलाह के बाद, कर्मचारियों के लिए दो बच्चों के नियमों में संशोधन का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। जिसे जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा, तो इस बीच बीजेपी नेता हिंदुओं को सलाह देते हुए कह रहे हैं कि- हिंदुओ के 3 बच्चे होने ही चाहिए ये अपराध नहीं है, क्योंकि 5 से 25 बच्चे करने वालों से हिंदुस्तान को बचाना है।
MP News तो वहीं कांग्रेस ने नई चाइल्ड पॉलिसी की अटकल के बहाने संघ और बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। आरोप लगाया कि-बीजेपी संघ वाले शादी नहीं करते, और जो शादी करते हैं वो पत्नी छोड़ देते हैं।
कुलमिलाकर अब एमपी में 2 बच्चों के बाद ‘बच्चे कितने अच्छे’ की बहस तेज हो गई है। बीजेपी-कांग्रेस के बीच वार-पलटवार जारी है, तो वहीं नई पॉलिसी के पीछे RSS के सरसंघचालक डॉक्टर मोहन भागवत के उस बयान को भी बड़ी वजह माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने डेमोग्राफी की समस्या से निपटने के लिए कम से कम तीन बच्चे होने की बात कही थी।
ऐसे में सवाल ये है कि- नई चाइल्ड पॉलिसी के पीछे आखिर सरकार की मंशा क्या है? क्या हिंदुओं की कम होती आबादी, डेमोग्राफी की चिंता है? सवाल ये भी कि- क्या 2 से अधिक बच्चे होने पर उनके खर्चे की समस्या नहीं आएगी? सबसे बड़ा सवाल ये कि- हर बात पर हिंदू मुसलमान क्यों?

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