Woman Climb Water Tank Gwalior : 3 महीने का अल्टीमेटम! हाथ में पेट्रोल लेकर इस वजह से टंकी पर चढ़ी महिला, बोली 20 लाख नहीं मिले तो जो करुँगी…
ग्वालियर कलेक्ट्रेट में एक महिला अपनी मांगों को लेकर पानी की टंकी पर चढ़ गई और आत्मघाती कदम की धमकी दी। करीब 2 घंटे चले हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद प्रशासन के आश्वासन पर महिला नीचे उतरी।
Woman Climb Water Tank Gwalior / Image Source : SCREENGRAB
- महिला पानी की टंकी पर चढ़ी, 2 घंटे तक चला ड्रामा।
- 20 लाख सहायता राशि की मांग।
- प्रशासन के आश्वासन पर नीचे उतरी।
ग्वालियर:Woman Climb Water Tank Gwalior मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के जिला कलेक्ट्रेट परिसर में आज उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक महिला अपनी मांगों को लेकर परिसर में बनी विशालकाय पानी की टंकी पर चढ़ गई। महिला हाथ में पेट्रोल और माचिस लेकर टंकी की मुंडेर पर खड़ी हो गई और नीचे कूदने की धमकी देने लगी। लगभग 2 घंटे तक चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे ने पुलिस और प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए। महिला का आरोप है कि पति की मौत के 4 साल बाद भी उसे सरकारी सहायता नहीं मिली है और वह दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थक चुकी है।
Bhuri Khan Gwalior Incident टंकी पर चढ़कर 20 लाख रुपये की सहायता राशि की मांग
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र की है। डबरा पिछोर की रहने वाली भूरी खान आज कलेक्ट्रेट पहुंची थी। अचानक वह सुरक्षा घेरे को चकमा देते हुए परिसर में स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गई। ऊपर से चिल्लाते हुए उसने साफ कहा कि यदि उसकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वह जान दे देगी। टंकी पर चढ़ी महिला 20 लाख रुपये की सहायता राशि की मांग कर रही थी। उसका कहना था कि बच्चों के भविष्य और घर चलाने के लिए उसे इस राशि की सख्त जरूरत है। जैसे ही सूचना मिली, विश्वविद्यालय थाना पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। नीचे खड़े अधिकारी लाउडस्पीकर के जरिए महिला को समझाइश देते रहे, लेकिन वह नीचे उतरने को तैयार नहीं थी। परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई और स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।
3 महीने के भीतर नहीं हुई सुनवाई
आखिरकार, वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मांगों पर विचार करने और उचित कार्रवाई के ठोस आश्वासन के बाद महिला नीचे उतरने को राजी हुई। करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद महिला को सुरक्षित नीचे उतारा गया। नीचे उतरते ही पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर प्राथमिक मेडिकल चेकअप के लिए अस्पताल भेजा।
हालांकि नीचे उतरने के बाद भी महिला के तेवर कड़े थे। महिला का कहना था, “मैं थक चुकी हूं। अगर 3 महीने के भीतर मेरी सुनवाई नहीं हुई और मुझे सहायता राशि नहीं मिली, तो मैं दोबारा आत्मघाती कदम उठाऊंगी और इसकी जिम्मेदार सरकार होगी।”
सिस्टम पर खड़े हुए सवाल
इस घटना ने एक बार फिर सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर एक मजबूर महिला को अपनी आवाज सुनाने के लिए मौत का रास्ता क्यों चुनना पड़ा? आपको बता दें की भूरी खान के पति सलमान खान का देहांत 4 साल पहले हो चुका है।वह अपनी वृद्ध मां और दो छोटे बच्चों के साथ रह रही है, आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं है। महिला का दावा है कि वह कई महीनों से अधिकारियों के चक्कर काट रही है, लेकिन उसे सिर्फ आश्वासन ही मिला।
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