कोरोना वायरस से निपटने के लिए अग्निहोत्र और सूर्य नमस्कार करें: मप्र की संस्कृति मंत्री का सुझाव

कोरोना वायरस से निपटने के लिए अग्निहोत्र और सूर्य नमस्कार करें: मप्र की संस्कृति मंत्री का सुझाव

Modified Date: January 12, 2022 / 07:29 pm IST
Published Date: January 12, 2022 7:29 pm IST

इंदौर, 12 जनवरी (भाषा) मध्य प्रदेश की संस्कृति एवं अध्यात्म मंत्री उषा ठाकुर ने कोविड-19 को प्राकृतिक आपदा बताते हुए बुधवार को आम लोगों को सुझाया कि उन्हें अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के उपायों के तहत अग्निहोत्र और सूर्य नमस्कार को दिनचर्या में शामिल करना चाहिए ताकि वे महामारी से निपट सकें।

ठाकुर ने कोविड-19 के तेजी से फैलने को लेकर पूछे गए सवालों पर यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘देखिए, यह (कोविड-19) एक प्राकृतिक आपदा है और इससे निपटने के सभी उपाय करने के लिए शासन-प्रशासन प्रतिबद्ध है। हमने अस्पतालों में बिस्तरों और दवाओं के पर्याप्त इंतजामों के साथ ही आम लोगों को काढ़ा बांटने की पुख्ता तैयारियां कर रखी हैं।’’

उन्होंने आम लोगों को दिनचर्या सुधारने का सुझाव देते हुए कहा, ‘‘हर व्यक्ति सूर्य नमस्कार जैसी पावन परंपरा को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाए, सूर्योदय और सूर्यास्त के वक्त अग्निहोत्र (वैदिक पद्धति से आहुति डालकर किया जाने वाला दैनिक हवन) करे और अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर रखे, तो महामारी हमारा कुछ भी बिगाड़ नहीं सकेगी।’’

गौरतलब है कि हाल के खंडवा दौरे में ठाकुर ने मास्क नहीं पहना था और इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने मीडिया कर्मियों को गले में लटका अपना गमछा दिखाते हुए कहा था, ‘‘तुम्हारे मास्क से मेरा गमछा चार गुना ज्यादा मजबूत और सुरक्षित है।’’

उन्होंने यह भी कहा था, ‘‘मैं पिछले 30 साल से सूर्योदय और सूर्यास्त के समय नियमित अग्निहोत्र करती हूं और यह मेरी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है जिससे जो (कोरोना) वायरस अटैक है वह (मुझे) परेशान नहीं करता है।’’

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मंत्रिपरिषद में शामिल ठाकुर के पास संस्कृति और अध्यात्म विभाग के साथ ही पर्यटन महकमा भी है और वह धार्मिक तथा सांस्कृतिक विषयों पर अपने बयानों के लिए प्राय: चर्चा में रहती हैं।

ठाकुर ने पिछले साल मार्च के दौरान इंदौर में एक कार्यक्रम में दावा किया था कि सूर्योदय और सूर्यास्त के समय गाय के गोबर के कंडे पर हवन के दौरान गाय के दूध से बने घी की महज दो आहुतियों के असर से कोई भी घर 12 घंटे तक ‘सैनिटाइज’ (रोगाणुमुक्त) रह सकता है।

भाषा हर्ष नेत्रपाल

नेत्रपाल


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