कोविड-19 : आम्बेडकर जयंती पर उनकी जन्मस्थली में दो साल बाद लगेगा अनुयायियों का तांता
कोविड-19 : आम्बेडकर जयंती पर उनकी जन्मस्थली में दो साल बाद लगेगा अनुयायियों का तांता
इंदौर (मध्यप्रदेश), 12 अप्रैल (भाषा) संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आम्बेडकर की 131वीं जयंती पर 14 अप्रैल (बृहस्पतिवार) को उनकी महू स्थित जन्मस्थली में उनके करीब दो लाख अनुयायियों के उमड़ने का अनुमान है। कोविड-19 का प्रकोप थमने पर महू में आम्बेडकर जयंती पर दो साल बाद सार्वजनिक कार्यक्रमों को मंजूरी दी गई है। प्रशासन के एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
अनुविभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) अक्षत जैन ने ‘‘पीटीआई-भाषा’’ को बताया,‘‘हमने आम्बेडकर जयंती पर करीब दो लाख लोगों के महू पहुंचने के अनुमान के मुताबिक उनके ठहरने और भोजन के इंतजाम किए हैं।’’
उन्होंने बताया कि आम्बेडकर जयंती पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के महू पहुंचकर सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होने की पूरी संभावना है।
इस बीच, कांग्रेस नेताओं ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ तथा राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता बृहस्पतिवार को महूं पहुंचेंगे और आम्बेडकर जयंती पर आयोजित पार्टी के कार्यक्रम में शामिल होंगे।
अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2020 और 2021 में महामारी के प्रकोप के कारण प्रशासन ने आम्बेडकर जयंती पर महू में ऐसे किसी भी कार्यक्रम को अनुमति नहीं दी थी जिसमें भीड़ जुटने की संभावना हो।
‘दलितों के मसीहा’ के रूप में मशहूर आम्बेडकर ने ब्रितानी राज के सैन्य अफसर रामजी मालोजी सकपाल और भीमाबाई की संतान के रूप में 14 अप्रैल 1891 को महू के काली पलटन इलाके में जन्म लिया था।
मध्य प्रदेश सरकार ने आम्बेडकर जन्मस्थली पर बनाए गए स्मारक को 14 अप्रैल 2008 को उनकी 117वीं जयन्ती के मौके पर लोकार्पित किया था। यह स्मारक आम्बेडकर के अनुयायियों के लिए श्रद्धा का केंद्र है।
भाषा हर्ष
राजकुमार
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