‘दीमक की तरह’ गुपचुप तरीके से पूरी व्यवस्था बिगाड़ रहा है संघ : दिग्विजय सिंह

‘दीमक की तरह’ गुपचुप तरीके से पूरी व्यवस्था बिगाड़ रहा है संघ : दिग्विजय सिंह

Modified Date: January 10, 2022 / 11:15 pm IST
Published Date: January 10, 2022 11:15 pm IST

इंदौर (मध्यप्रदेश),10 जनवरी (भाषा) कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर हमला करते हुए सोमवार को कहा कि जिस तरह दीमक घर या अन्य वस्तु की सतह के नीचे गुपचुप तरीके से लगकर उसे बर्बाद करती है, उसी तरह संघ भी देश में गुपचुप तरीके से काम करते हुए पूरी व्यवस्था को बिगाड़ रहा है।

इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि ‘‘दो राष्ट्र सिद्धांत’’ के तहत भारत के विभाजन के प्रस्ताव का एक तरफ मुस्लिम लीग ने समर्थन किया था, तो दूसरी तरफ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विनायक दामोदर सावरकर भी इसके पक्ष में थे।

सिंह ने संघ की कार्यप्रणाली के बारे में दीमक का उदाहरण देते हुए इंदौर में कहा,‘‘इस बात पर सबसे ज्यादा गालियां मैं खाऊंगा क्योंकि कहा जाएगा कि मैंने संघ की तुलना दीमक के साथ कर दी है।लेकिन मैंने संघ को नहीं, बल्कि उस विचारधारा के चरित्र को दीमक कहा है जो गुपचुप तरीके से देश की व्यवस्था बिगाड़ रही है।’’

उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनावों का सियासी पारा चढ़ने के बीच वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि उनके चुनावी भाषणों में ‘‘हिंदू-मुसलमान’’ और ‘‘हिंदुस्तान-पाकिस्तान’’ जैसे विभाजनकारी मुद्दों के अलावा कुछ भी नहीं होता है।

सिंह ने युवा कांग्रेस के एक कार्यक्रम में यह आरोप भी लगाया कि देश में लगातार दुष्प्रचार किया जा रहा है कि ‘हिंदू धर्म खतरे में है’ ताकि फासीवादी विचारधारा को आगे ले जाया जा सके और इसके आधार पर राजनीतिक पद प्राप्त कर धन कमाया जा सके।

उन्होंने कहा,‘‘भारत में मुसलमानों और ईसाई अंग्रेजों के सैकड़ों वर्षों के राज में हिंदू धर्म को कभी खतरा नहीं हुआ। लेकिन मैं यह बात नहीं समझ पा रहा हूं कि आज जब देश में राष्ट्रपति से लेकर नीचे तक के सभी अहम पदों पर हिंदू आसीन हैं, तब हिंदू धर्म को खतरा कैसे हो सकता है?’’

सिंह ने स्टेट प्रेस क्लब के ‘‘हिंदू और हिंदुत्व’’ विषय पर आयोजित परिसंवाद में कहा कि हिंदुत्व की अवधारणा का हिंदू धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए यह भी कहा कि

हिंदुत्व की अवधारणा का राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।

सिंह ने दावा किया कि वर्ष 1923 में विनायक दामोदर सावरकर ने हिंदुत्व की अवधारणा पर पहली बार लिखी किताब में कहा था कि ‘हिंदुत्व को हिंदू धर्म मान बैठना त्रुटिपूर्ण है।’

वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा,‘‘हिंदुत्व को हिंदू धर्म समझ लेना न केवल हिंदुओं, बल्कि समूचे देश के लिए सबसे बड़ी भूल होगी।’’

राज्यसभा सांसद ने ‘‘बुली बाई’’ और ‘‘सुल्ली डील्स’’ ऐप से जुड़े ताजा मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि इंटरनेट तथा सोशल मीडिया के जरिये नौजवानों के मन में धर्मांधता और कट्टरता का जहर भरा जा रहा है।

भाषा हर्ष

शोभना

शोभना


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