SAGE University News : एमपी का पहला ‘इनोवेशन हब’! सेज यूनिवर्सिटी इंदौर को केंद्र से मिला 1.6 करोड़ का फंड, जानें युवाओं को कैसे होगा फायदा?

सेज यूनिवर्सिटी इंदौर को MSME मंत्रालय से 1.6 करोड़ रुपये का अनुदान मिला है, जिसके तहत विश्वविद्यालय में इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी फैसिलिटेशन सेंटर (IPFC) स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही यह मध्यप्रदेश का पहला विश्वविद्यालय बन गया है, जिसे MSME इनोवेटिव योजना के अंतर्गत यह स्वीकृति मिली है।

SAGE University News : एमपी का पहला ‘इनोवेशन हब’! सेज यूनिवर्सिटी इंदौर को केंद्र से मिला 1.6 करोड़ का फंड, जानें युवाओं को कैसे होगा फायदा?

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Modified Date: May 9, 2026 / 01:32 pm IST
Published Date: May 9, 2026 1:32 pm IST

इंदौर : सेज यूनिवर्सिटी इंदौर ने रोज़गारपरक शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई मंत्रालय) ने विश्वविद्यालय को इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी फैसिलिटेशन सेंटर (आईपीएफसी) स्थापित करने के लिए 1.6 करोड़ का अनुदान दिया है। इसके साथ ही सेज यूनिवर्सिटी इंदौर मध्यप्रदेश का पहला विश्वविद्यालय बन गया है, जिसे एमएसएमई इनोवेटिव योजना के तहत आईपीएफसी सेंटर की स्वीकृति मिली है।

यह केंद्र विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स और एमएसएमई इकाइयों को बौद्धिक संपदा अधिकारों से जुड़ी सुविधाएँ उपलब्ध कराएगा। यहां पेटेंट फाइलिंग और रजिस्ट्रेशन, ट्रेडमार्क एवं डिज़ाइन रजिस्ट्रेशन, जीआई सहायता, आईपीआर परामर्श और पेटेंट प्रतिपूर्ति जैसी सेवाएँ दी जाएंगी। इससे युवाओं और नवप्रवर्तकों को अपने नए विचारों और आविष्कारों को सुरक्षित करने में मदद मिलेगी।विश्वविद्यालय में आयोजित विशेष समारोह में चांसलर इंजी संजीव अग्रवाल ने कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की शोध और नवाचार आधारित शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यह केंद्र प्रदेश के युवाओं, स्टार्टअप्स और उद्योगों के लिए एक मजबूत नवाचार मंच बनेगा।वहीं सेज ग्रुप की मैनेजिंग डायरेक्टर सुश्री साक्षी अग्रवाल बंसल ने इसे विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय बताया।

उन्होंने कहा कि आईपीएफसी सेंटर विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को अपने नवाचारों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद करेगा। इस परियोजना की प्रमुख अन्वेषक डॉ रश्मि यादव हैं, जिन्होंने इस अनुदान प्रस्ताव को तैयार करने और स्वीकृति दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह उपलब्धि न केवल सेज यूनिवर्सिटी के लिए, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिए गर्व की बात है। इससे प्रदेश में शोध, नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को नई मजबूती मिलेगी।

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लेखक के बारे में

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