जबलपुर, चार मई (भाषा) मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में बरगी बांध नौका हादसे में जीवित बचे एक व्यक्ति ने बरामद की गई नाव को तोड़े जाने पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि इससे उसकी बनावट और संरचना की जांच प्रभावित हुई है।
बरगी सिटी के पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) अंजुल अयंक मिश्रा ने बताया कि एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों ने यह सुनिश्चित करने के लिए नाव को काटा कि उसके भीतर कोई फंसा न रह गया हो। उन्होंने कहा कि तकनीकी दल ने इंजन जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया है।
राज्य पर्यटन विभाग द्वारा संचालित यह नाव 30 अप्रैल को पलट गई थी, जिसमें महिलाओं और बच्चों समेत 13 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 28 लोगों को बचा लिया गया था।
हादसे में अपने परिवार के नौ सदस्यों के साथ बचने वाले अधिवक्ता रोशन आनंद कोरी ने सोमवार को कहा कि बांध से निकाले जाने के समय नाव सही स्थिति में थी और उसके इंजन तथा बॉडी लाइन की जांच की जानी चाहिए थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि नाव को तोड़ देने से उसकी संरचनात्मक मजबूती की जांच की संभावना समाप्त हो गई।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 मॉडल की कैटामरैन हुल श्रेणी वाली यह नाव करीब 20 वर्ष पुरानी थी और इसके मटेरियल परीक्षण तथा यात्री सुरक्षा इंतजामों की जांच जरूरी थी। केवल इंजन निकालकर जांच करना पर्याप्त नहीं है।
राज्य सरकार ने शुक्रवार को इस घटना की जांच के आदेश दिए थे और चालक दल के तीन सदस्यों को बर्खास्त कर दिया था। साथ ही इस तरह की नौकाओं के संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
भाषा
सं, दिमो रवि कांत