मप्र : कांग्रेस ने गेहूं उत्पादक किसानों के मुद्दों पर नौ अप्रैल को आंदोलन की घोषणा की
मप्र : कांग्रेस ने गेहूं उत्पादक किसानों के मुद्दों पर नौ अप्रैल को आंदोलन की घोषणा की
इंदौर, सात अप्रैल (भाषा) मध्यप्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर किसानों के साथ ‘क्रूर विश्वासघात’ का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने मंगलवार को घोषणा की कि वह खासकर गेहूं उत्पादक किसानों के मुद्दों पर नौ अप्रैल को राज्य भर में आंदोलन करेगी।
इन मुद्दों में किसानों को गेहूं का सही दाम नहीं मिलना और इस खाद्यान्न की सरकारी खरीद में देरी शामिल है।
मध्यप्रदेश, देश के शीर्ष गेहूं उत्पादक सूबों में शामिल है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा ने इंदौर में संवाददाताओं को बताया कि पार्टी गेहूं उत्पादक किसानों के मुद्दों पर नौ अप्रैल को सूबे के सभी जिला मुख्यालयों पर कलेक्टर कार्यालयों का घेराव करेगी।
उन्होंने कहा,’भाजपा ने किसानों से किए गए चुनावी वादों को पूरा नहीं किया है और अन्नदाता अपने हक के लिए सड़कों पर आने को मजबूर हैं। यह किसानों के साथ क्रूर विश्वासघात है।”
पूर्व मंत्री ने कहा कि सूबे के 2023 के पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने किसानों से 2,700 रुपये प्रति क्विंटल पर गेहूं खरीदने का वादा किया था, लेकिन यह वादा अब तक नहीं निभाया गया है और किसानों को गेहूं पर महज 40 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस देने की घोषणा की गई है।
वर्मा ने कहा कि सूबे में गेहूं की सरकारी खरीद में देरी से किसान 31 मार्च की समय-सीमा में बैंकों और सहकारी समितियों का कर्ज नहीं चुका पाए और बकायादारों की सूची में शामिल हो गए।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने निर्णय किया है कि वह 10 अप्रैल से शुरू होने वाली गेहूं की सरकारी खरीद के दौरान किसानों को 2,585 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के साथ ही 40 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस भी देगी। यानी राज्य सरकार द्वारा किसानों का गेहूं 2,625 रुपये प्रति क्विंटल के दाम पर खरीदा जाएगा।
भाषा हर्ष मनीषा रंजन
रंजन

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