मध्यप्रदेश: यादव से जुड़े मामले में मंत्री ने कांग्रेस पर राज्य की छवि धूमिल करने का आरोप लगाया
मध्यप्रदेश: यादव से जुड़े मामले में मंत्री ने कांग्रेस पर राज्य की छवि धूमिल करने का आरोप लगाया
भोपाल, 24 जून (भाषा) मध्यप्रदेश के मंत्री राकेश सिंह ने उज्जैन में कथित भूमि घोटाले को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव पर लगे आरोपों के मद्देनजर बुधवार को कहा कि कांग्रेस राज्य की छवि धूमिल करने के लिए दुष्प्रचार कर रही है और अगर कोई जांच की मांग करता है तो इसमें कोई आपत्ति नहीं है।
लोक निर्माण विभाग के मंत्री सिंह ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि जनता का विश्वास खो चुकी कांग्रेस यादव के नेतृत्व में जारी मध्यप्रदेश की विकास यात्रा को बाधित करने के लिए निराधार आरोप लगा रही है।
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने मंगलवार को अंग्रेजी अखबार ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक खबर का हवाला देते हुए उज्जैन में कथित भूमि घोटाले को ‘‘महाकाल की जमीन की लूट’’ करार दिया था और मुख्यमंत्री यादव के इस्तीफे और आरोपों की न्यायिक जांच की मांग की थी।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार रात इन आरोपों को निराधार बताया और कहा कि मुख्यमंत्री यादव प्रदेश के विकास के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं और उनकी लोकप्रियता से घबराकर कांग्रेस इस तरह के आरोप लगा रही है।
पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस पर पिछड़े वर्ग के नेतृत्व को स्वीकार न करने का आरोप लगाया और कहा कि जब-जब मध्यप्रदेश में पिछड़े वर्ग से मुख्यमंत्री बने हैं, तब-तब कांग्रेस ने उन्हें निशाना बनाने का प्रयास किया है।
बुधवार को मध्यप्रदेश सरकार के मंत्रियों ने राज्य के विभिन्न शहरों में इस मुद्दे पर संवाददाताओं को संबोधित किया और मुख्यमंत्री पर लगे आरोपों को बेबुनियाद करार दिया।
राजधानी भोपाल में सिंह ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मोहन यादव और उनके परिवार पर लगाए गए आरोपों को लेकर कांग्रेस कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर पाई है।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक हताशा में कांग्रेस झूठ, भ्रम और सनसनी का सहारा ले रही है।
सिंह ने कहा कि विडंबना यह है कि यह आरोप वही कांग्रेस लगा रही है, जिसके राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे एवं उनके परिवार पर ट्रस्ट की भूमि से जुड़े गंभीर आरोप सार्वजनिक चर्चा का विषय रहे हैं और जिसके शीर्ष नेतृत्व पर नेशनल हेराल्ड प्रकरण में सार्वजनिक संपत्तियों को निजी हितों के लिए उपयोग करने के आरोप लगे हैं।
उन्होंने पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए कहा, ‘अगर कोई यह मांग करता है कि जांच होनी चाहिए, तो हो जाए। इसमें कोई आपत्ति नहीं है।’
उन्होंने कहा, ‘व्यक्तिगत रूप से किसी के लिए भी जांच की मांग की जा सकती है और मैं तो इससे सहमत हूं कि अगर ऐसी संपत्तियों में इजाफा हुआ है और वह गलत तरीके से हुआ है तो वह भी सामने आना चाहिए। लेकिन अनावश्यक… केवल और केवल दुष्प्रचार… यह ठीक नहीं है।’
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि पार्टी का कानूनी प्रकोष्ठ इस मामले में जबलपुर उच्च न्यायालय में मानहानि का दावा करने पर विचार कर रहा है।
राज्य सरकार में जल संसाधन विभाग के मंत्री तुलसी सिलावट ने इंदौर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया और कहा कि कांग्रेस इस प्रकार के बेबुनियाद आरोप लगाकर भ्रम और झूठ फैलाने का प्रयास कर रही है।
मामले की जांच से जुड़े एक सवाल पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की लोकप्रियता से डर कर कांग्रेस उनके खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगा रही है।
उन्होंने कहा कि जब से मोहन यादव मुख्यमंत्री बने हैं, वह मध्यप्रदेश का विकास कर रहे हैं इसी क्रम में उन्होंने एक पूरा वर्ष उद्योग के लिए समर्पित किया और यह साल कृषि के लिए।
खंडेलवाल ने मंगलवार को कहा था कि वर्ष 2023 में नामांकन दाखिल करते समय मोहन यादव के नाम 17 एकड़ जमीन दर्ज थी और वर्ष 2026 तक इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि इसी प्रकार उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम दर्ज 12.29 एकड़ भूमि में भी कोई परिवर्तन नहीं आया है।
खंडेलवाल ने कहा कि जिन आरोपों में सिद्धि विनायक कंपनी का उल्लेख किया गया है, उसके पास वर्ष 2023 में 68 एकड़ भूमि थी, जो बाद में घटकर 65 एकड़ रह गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यादव वर्ष 2017 में ही कंपनी के निदेशक पद से इस्तीफा दे चुके थे और उनका कंपनी के वर्तमान संचालन से कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के पुत्र वैभव यादव के पास वर्ष 2023 से पहले जो 16 एकड़ भूमि थी, उसमें भी मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई बदलाव नहीं हुआ।
उन्होंने कहा, ‘वहीं, पुत्रवधू शालिनी यादव द्वारा खरीदी गई 10 एकड़ कृषि भूमि मास्टर प्लान क्षेत्र के बाहर स्थित है।’
खंडेलवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के रिश्तेदारों को लेकर भी भ्रामक जानकारी प्रस्तुत की है। उन्होंने कहा कि संबंधित रिश्तेदारों का अपना स्वतंत्र अस्तित्व है और मुख्यमंत्री या उनके परिवार का उनके निजी मामलों से कोई लेना-देना नहीं है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंगलवार को भोपाल में एक संवाददाता सम्मेलन में इस मामले की जांच उच्चतम न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायाधीश से कराने की मांग की।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए कि सत्ता संभालने के बाद उनके परिवार की भूमि कथित तौर पर 100 एकड़ से बढ़कर 335 एकड़ कैसे हो गई।
भाषा ब्रजेन्द्र जोहेब
जोहेब

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