राजगढ़ (मप्र), दो मार्च (भाषा) मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में बिजली के बिलों में विसंगतियों के मुद्दे पर अधिकारियों के कथित उदासीन रवैये को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक विधायक द्वारा आत्मदाह की धमकी दिये जाने के बाद प्रशासन ने समस्याओं के समाधान के लिए शिविर लगाने की शनिवार को घोषणा की।
नरसिंहगढ़ विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक मोहन शर्मा ने शुक्रवार को पीलूखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सरकारी बिजली कंपनी के अधिकारियों को चेतावनी दी थी।
शर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा था, ‘मैं कानून को अपने हाथ में नहीं लेना चाहता। मुझे पता है कि अगर किसी अधिकारी से विवाद हुआ तो भारतीय दंड संहिता की धारा 353 लगा दी जाएगी।’
शर्मा ने कहा कि अगर शिकायतों का निवारण नहीं हुआ तो मुझे आत्मदाह और आमरण अनशन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
भारतीय दंड संहिता की धारा 353 एक लोक सेवक को अपना कर्तव्य निभाने से रोकने के लिए आपराधिक बल के प्रयोग से संबंधित है।
शर्मा ने बिजली कंपनी (मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड) द्वारा कुछ किसानों को भेजे गए बिलों में विसंगतियों का आरोप लगाया और दावा किया कि उन्होंने अधिकारियों से मुलाकात की थी लेकिन मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। विधायक ने पांच मार्च से बिजली कंपनी के खिलाफ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करने की घोषणा की।
विधायक की चेतावनी के बाद नरसिंहगढ़ के उपखंड मजिस्ट्रेट अंशुमान राज ने कहा कि बिजली बिल से संबंधित लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए शिविर आयोजित किए जाएंगे और जिलाधिकारी भी इसके लिए मौजूद रहेंगे।
भाषा सं दिमो जितेंद्र
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