मप्र : पुलिस ने ट्विशा के परिजनों से शव लेने का आग्रह किया, एम्स ने शव के खराब होने की आशंका जताई

मप्र : पुलिस ने ट्विशा के परिजनों से शव लेने का आग्रह किया, एम्स ने शव के खराब होने की आशंका जताई

मप्र : पुलिस ने ट्विशा के परिजनों से शव लेने का आग्रह किया, एम्स ने शव के खराब होने की आशंका जताई
Modified Date: May 20, 2026 / 04:35 pm IST
Published Date: May 20, 2026 4:35 pm IST

भोपाल, 20 मई (भाषा) भोपाल पुलिस ने बुधवार को 33 वर्षीय अभिनेत्री व मॉडल ट्विशा शर्मा के परिजनों से उसका शव लेने का अनुरोध किया।

पुलिस ने यह अनुरोध शव के खराब होने की आशंकाओं के मद्देनजर किया है।

ट्विशा का पोस्टमॉर्टम 13 मई को राजधानी भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में हुआ था और तभी से उसका शव वहां के मुर्दाघर में रखा हुआ है।

ट्विशा 12 मई की रात को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में अपने ससुराल में मृत पाई गई थी, जिसके बाद पुलिस ने उसके पति वकील समर्थ सिंह और उसकी सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज हत्या और उत्पीड़न के आरोपों से संबंधित एक प्राथमिकी दर्ज की।

मृतका की सास गिरिबाला सिंह सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं।

नोएडा निवासी ट्विशा के परिजनों ने दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए एम्स, दिल्ली में दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की मांग संबंधी अर्जी दायर की है।

कटारा हिल्स थाने के प्रभारी ने ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा को पत्र लिखकर कहा कि उनकी बेटी का पोस्टमॉर्टम 13 मई को हुआ था और वर्तमान में शव शून्य से चार डिग्री सेल्सियस नीचे (-4) तापमान पर भोपाल स्थित एम्स के मुर्दाघर में रखा गया है।

पुलिस ने एम्स के एक पत्र का हवाला देते हुए कहा कि शव को खराब होने से रोकने के लिए शून्य से 80 डिग्री सेल्सियस नीचे का तापमान चाहिए और यह सुविधा एम्स भोपाल में नहीं है।

पत्र में कहा गया कि ट्विशा के परिजनों ने पुलिस आयुक्त से शव को सुरक्षित रखने और पुनः पोस्टमॉर्टम कराने का आग्रह किया है।

पत्र में कहा गया है कि पुलिस को फिर से पोस्टमॉर्टम कराने में कोई आपत्ति नहीं है किंतु लंबे समय से मृतका का शव लंबे समय से मुर्दाघर में है, जिसके खराब होने की पूरी आशंका है।

पुलिस ने नवनिधि शर्मा से जल्द से जल्द ट्विशा का शव लेने का आग्रह किया।

पुलिस ने यह पत्र ऐसे समय लिखा है जब न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) की अदालत मृतका के परिजनों की उस अर्जी पर केस डायरी की जांच करने वाली है, जिसमें नए सिरे से पोस्टमॉर्टम कराने की मांग की गई है।

परिजनों ने अपनी अर्जी में जांच में लापरवाही का आरोप लगाया है और कहा है कि ट्विशा के मृत पाए जाने के तीन दिन बाद प्राथमिकी दर्ज की गई।

अर्जी में यह भी कहा गया है कि संक्षिप्त पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उल्लेख है कि जांचकर्ताओं ने पोस्टमॉर्टम के दौरान कथित फंदे के लिए इस्तेमाल वस्तु उपलब्ध नहीं कराई।

भाषा ब्रजेन्द्र धीरज

धीरज


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