मप्र : विश्वविद्यालय का कुलसचिव बनवाने के बदले बेरोजगार से 1.5 लाख लेता पुलिसकर्मी पकड़ा गया
मप्र : विश्वविद्यालय का कुलसचिव बनवाने के बदले बेरोजगार से 1.5 लाख लेता पुलिसकर्मी पकड़ा गया
इंदौर (मध्यप्रदेश), छह सितंबर (भाषा) विश्वविद्यालय के कुलसचिव या अन्य किसी सरकारी पद पर भर्ती का झांसा देकर एक बेरोजगार व्यक्ति से 1.5 लाख रुपये ले रहे पुलिस आरक्षक को इंदौर में मंगलवार को रंगे हाथों पकड़ लिया गया। लोकायुक्त पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
उपाधीक्षक (डीएसपी) प्रवीण सिंह बघेल ने बताया कि पुलिस आरक्षक ईश्वरनाथ योगी को शहर के पोलोग्राउंड क्षेत्र में जाल बिछाकर पकड़ा गया, जब वह कथित घूस की पहली किश्त के रूप में योगेश ठाकुर (32) से 1.5 लाख रुपये ले रहा था।
उन्होंने बताया कि पुलिस आरक्षक ने इस बेरोजगार व्यक्ति को राज्य लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षा में विश्वविद्यालय के कुलसचिव पद पर चयन या अन्य कोई सरकारी नौकरी दिलवाने का झांसा देकर उससे आठ लाख रुपये की कथित घूस मांगी थी।
डीएसपी के मुताबिक पुलिस आरक्षक विशेष सशस्त्र बल (एसएसफ) की धार स्थित 34वीं वाहिनी में पदस्थ है और इस वाहिनी की एक कंपनी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इंदौर में तैनात है।
बघेल ने बताया कि मंगलवार को ही एक अन्य मामले में खरगोन जिले में श्रम निरीक्षक सपन गोरे को एक निजी विद्यालय के संचालक आदित्य जैन से 80,000 रुपये की कथित घूस लेते पकड़ा गया।
डीएसपी के मुताबिक गोरे ने 10 अगस्त को विद्यालय का निरीक्षण किया था और इसके बाद अपनी रिपोर्ट में कहा था कि इस निजी संस्थान के कर्मियों को सरकार की घोषित न्यूनतम वेतन दरों से कम भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वेतन के अंतर की राशि के भुगतान को लेकर क्षतिपूर्ति नहीं वसूले जाने के एवज में श्रम निरीक्षक द्वारा विद्यालय प्रबंधन से कथित रिश्वत मांगी गई थी।
डीएसपी ने बताया कि दोनों मामलों में आरोपियों पर भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपियों को अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है और जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी किए जाने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया है।
भाषा हर्ष रंजन वैभव
वैभव

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