Mandala Anganwadi Poision News : सावधान! आपके बच्चे भी जाते हैं आंगनबाड़ी? 5 मासूमों के साथ केंद्र के अंदर ही हो गया खौफनाक कांड, एसडीएम ने दिए जाँच के आदेश
मंडला जिले के एक आंगनबाड़ी केंद्र में लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है, जहां पांच बच्चों ने चूहा मारने की दवा खा ली। सभी बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं।
Mandala Anganwadi Poision News / Image Source : AI GENERATED
- आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों ने खाई चूहा मार दवा
- एक ही परिवार के 5 बच्चे हुए बीमार
- प्रशासन ने जांच के आदेश दिए, सभी बच्चे खतरे से बाहर
मंडला : Mandala Anganwadi Poision News मध्य प्रदेश के मंडला ज़िले से ज़िले से एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां आंगनबाड़ी केंद्र में रखी चूहा मार दवा बच्चों की पहुंच में होना भारी पड़ गया। यहां एक ही परिवार के पांच बच्चों ने चूहा मारने की दवा खा ली। बच्चों की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, पूरा मामला मोहगांव जनपद के रामकिरिया पंचायत के छपरा टोला आंगनबाड़ी केंद्र का है। यहां एक ही घर के पांच मासूम बच्चे केंद्र पहुंचे थे। Anganwadi Negligence Case इसी दौरान वहां रखी चूहा मार दवा बच्चों ने खा ली। इसके बाद कुछ ही देर में बच्चों को उल्टी-दस्त की शिकायत शुरू हो गई और उनकी हालत बिगड़ने लगी। आंगनबाड़ी सहायिका ने तत्परता दिखाते हुए परिजनों को सूचना दी। इसके बाद सभी बच्चों को ऑटो से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोहगांव लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। डॉक्टर के मुताबिक, सभी बच्चों की हालत फिलहाल स्थिर है लेकिन एहतियात के तौर पर उन्हें 24 घंटे निगरानी में रखा गया है।
Rat Poison Incident MP प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
इस पूरे घटना की जानकारी मिलते ही घुघरी एसडीएम सचिन जैन सहित महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे और बच्चों का हाल जाना। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। एसडीएम सचिन जैन ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए टीम गठित की जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बीमार बच्चों में सचिन 3 वर्ष, समर 9 वर्ष, शिवन्या 3 वर्ष, कृतिका 5 वर्ष और डेढ़ वर्षीय दीप्ती शामिल हैं। फिलहाल सभी बच्चे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं, लेकिन इस घटना ने आंगनबाड़ी केंद्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Facebook


