Sabalgarh News
Sabalgarh News: सबलगढ़ सिविल अस्पताल के बीएमओ (ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर) डॉ. राजेश शर्मा ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यह इस्तीफा जिला चिकित्सा अधिकारी को भेजा है। डॉ. शर्मा ने इस्तीफा देने के पीछे कई गंभीर कारण बताए हैं, जिनमें राजनीतिक दबाव और असमाजिक तत्वों द्वारा उत्पीड़न प्रमुख हैं। शनिवार शाम 7 बजे आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. शर्मा ने अपनी समस्या और इस्तीफे के पीछे के कारणों को विस्तार से बताया।
Sabalgarh News: डॉ. शर्मा ने कहा कि पिछले एक साल से कुछ राजनीतिक लोग और असमाजिक तत्व अस्पताल के माहौल को बिगाड़ रहे हैं। वे लगातार उन्हें और उनके स्टाफ को टारगेट कर रहे हैं, जबकि उनके स्टाफ की कोई गलती भी नहीं होती। ऐसे माहौल में काम करना बहुत कठिन हो गया है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी पत्नी, डॉ. मनु शर्मा, भारतीय जनता पार्टी में उपाध्यक्ष के पद पर हैं, जिसके कारण उनकी राजनीतिक छवि को भी धूमिल करने की कोशिश की जा रही है।
यही वजह है कि उन्होंने अस्पताल के बीएमओ पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है। अब वे एक सामान्य डॉक्टर के रूप में लोगों की सेवा करना चाहते हैं, जहां उन्हें राजनीतिक दबाव का सामना न करना पड़े।
Sabalgarh News: डॉ. शर्मा ने अस्पताल में हुई एक खास घटना का भी जिक्र किया, जिसने उनके इस्तीफे को मजबूर कर दिया। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले एक प्रसूता की घर पर मौत हो गई थी, जबकि उसका इलाज मुरैना में चल रहा था। प्रसूता का बीपी बढ़ा हुआ था और उसकी हालत गंभीर थी। मौत के बाद जब उसे अस्पताल लाया गया, तो कुछ लोग शराब के नशे में अस्पताल में हंगामा करने लगे। यह घटना अस्पताल के शांति वातावरण को पूरी तरह से भंग कर गई। इसके अलावा, अस्पताल में पहले भी कई बार हंगामा हो चुका है, जिसमें डॉ. शर्मा पर झूठे आरोप लगाकर उन्हें धमकी देने की बात कही गई। डॉ. शर्मा ने साफ कहा कि यदि उन्होंने कभी धमकी दी है तो उसका सबूत सामने आना चाहिए, नहीं तो यह सब बेबुनियाद आरोप हैं।
इस मामले पर जिला चिकित्सा अधिकारी पद्मेश उपाध्याय ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि डॉ. राजेश शर्मा ने बीएमओ के प्रभार से इस्तीफा देने का आवेदन भेजा है, जिसे विभाग में विचार के लिए रखा गया है। अभी इस इस्तीफे पर अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है। उनका कहना है कि अस्पताल और स्वास्थ्य विभाग की स्थिति को ध्यान में रखते हुए उचित कदम उठाए जाएंगे ताकि अस्पताल का कामकाज प्रभावित न हो।